सरायकेला में खापरसाई के स्कूल का छज्जा गिरने से तीन बच्चे घायल, ग्रामीणों में आक्रोश

Updated at : 18 Mar 2026 9:36 AM (IST)
विज्ञापन
Saraikela News

स्कूल का गिरा छज्जा (ऊपर बाएं), पेड़ के नीचे पढ़ते बच्चे (दाएं ऊपर), प्रधानाध्यापिका रेणु कुमारी पांडा (बाएं नीचे) और मामूली रूप से घायल तीनों बच्चे. फोटो: प्रभात खबर

Saraikela News: सरायकेला के खापरसाई प्राथमिक विद्यालय में छज्जा गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए. जर्जर भवन में पढ़ाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. पहले भी स्कूल की स्थिति की शिकायत की गई थी. हादसे के बाद बच्चे डरे हुए हैं और पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Saraikela News: झाखंड के सरायकेला में खापरसाई प्राथमिक विद्यालय छज्जा गिर गया. गनीमत यह रही है कि इस हादसे के समय स्कूल के बच्चे मिड डे मील खाने के लिए स्कूल के क्लास रूम से बाहर निकले थे. हालांकि, इसमें भी स्कूल तीन बच्चे मुस्कान बारला (11), रेशमी बारला (09) व सोनाली जामुदा (07) को हल्की चोट लगी. उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया.

मिली जानकारी के अनुसार, सरायकेला के प्राथमिक विद्यालय, खापरसाई में रोजाना की तरह मंगलवार को 27 बच्चे स्कूल पहुंचे थे. मध्यान्न भोजन की घंटी लगने के बाद बच्चे क्लास रुम से बाहर निकल कर वाशरूम और रसोई घर की ओर चले गये थे. इस दौरान स्कूल भवन के बाहरी हिस्से का एक छज्जा अचानक भरभरा कर गिर गया. इस हासदे में तीन स्कूली बच्चों को हल्की चोट लगी. दो कमरों वाले इस स्कूल में अक्सर बच्चे बरामदे में भी रहते है.

बच्चों ने क्लासरूम जाने से किया तौबा

स्कूल का छज्जा गिरने की घटना के बाद बच्चे डरे सहमें हुए है. बच्चों ने अब स्कूल भवन के क्लासरूम जाने से भी तौबा कर लिया है. मंगलवार को मिड डे मील खाने के बाद बच्चे स्कूल के बाहर एक पेड़ के नीचे छाव में जमीन पर बैठ कर पढाई की. स्कूल की शिक्षिका भी बच्चों के पेड के नीचे दरी में बैठ कर पढ़ाती नजर आयी.

40 साल पुराने भवन में चल रही है पढ़ाई

ग्रामीणों के अनुसार, सरायकेला के प्राथमिक विद्यालय, खापरसाई में करीब 38-40 साल पुराने दो कमरों वाले स्कूल भवन में बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर है. स्कूल की स्थापना बिहार सरकार के कार्यकाल में वर्ष 1985 में हुई थी. इसके कुछ ही वार्षों बाद यहां स्कूल भवन बना कर पठन पाठन शुरू किया गया. अब यह भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है.

कैसे गिरा छज्जा

रविवार और सोमवार की शाम हुई हल्की बारिश के बाद आयी नमी के कारण स्कूल का छज्जा गिर गया. स्कूल के कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है. स्कूल के कुल 28 बच्चे नामांकित है. स्कूल के प्रभारी प्रधान अध्यापिका रेणु कुमारी पंडा के साथ साथ एक अन्य शिक्षिका काजल टुडू पदस्थापित है.

सात महीने पहले बीईओ को दी गई थी जानकारी

स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेणु कुमारी पंडा ने करीब सात माह पूर्व ही तत्कालीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) को पत्र लिख कर स्कूल भवन के खास्ता हाल से अवगत करा दिया था. 6 सितंबर 2025 को तत्कालिन बीईईओ को लिखे पत्र में रेणु कुमारी पंडा ने कहा था कि प्राथमिक विद्यालय खापरसाई के दो वर्ग कक्षाओं की स्थिति अत्यंत जर्जर है. बरसात के मौसम में छत का पानी चू कर बेंच डेस्क में गिरता है. इससे छात्र-छात्राएं ठीक से बैठ नहीं पाते है.

इसे भी पढ़ें: चतरा में मच्छरों को भगाने के लिए नहीं हो रही फॉगिंग, महीनों से धूल फांक रही 40 लाख की मशीन

उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि छत का प्लास्टर भी उखड़ गया है. कभी कभी प्लास्टर उखड कर गिर रहा है. कभी भी अनहोनी की घटना हो सकती है. स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उक्त स्कूल का संचालन गोविंदपुर पंचायत भवन में करने का आग्रह किया था. परंतु विभागीय स्तर से प्रधानाध्यापिका के इस सुझाव पर कोई ठोस पहल नहीं की गयी.

इसे भी पढ़ें: पत्नी ने पति को मारने के लिए खाने में मिलाया था जहर, शौहर की मौत के बाद चली गई जेल

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola