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गर्मी से सूख रहे जलस्रोत, कई इलाकों में जल संकट

Updated at : 05 Apr 2024 9:40 PM (IST)
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गर्मी से सूख रहे जलस्रोत, कई इलाकों में जल संकट

तापमान में बढ़ोतरी से लगातार गिर रहा है भू-जल स्तर

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मेदिनीनगर.

पलामू में करीब एक सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है. हालत यह है कि सुबह नौ बजे के बाद ही गर्म हवाएं चलने लग रही है. 11 बजे के बाद धूप व गर्मी असहनीय हो रहा है. इस समय लोगों की आवाजाही कम हो जा रही है. धूप व गर्म हवा से बचने के लिए राहगीर छांव की तलाश करते नजर आते हैं. मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पलामू का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इधर, तापमान बढ़ने से भू-जल का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. जलस्रोत सूख रहे हैं. कई इलाकों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. जिला मुख्यालय मेदिनीनगर शहरी क्षेत्र के ड्राइजोन बैंक कॉलोनी, निमियां, बैरिया, पहाड़ी मुहल्ला के झोपड़पट्टी, मुस्लिम नगर, बजराहा, आबादगंज, कांदू मोहल्ला के निचले इलाके में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. शहर के वैसे इलाके, जहां जलापूर्ति की व्यवस्था है, वहां के लोगों को फिलहाल राहत है. लाइफ लाइन कही जाने वाली कोयल नदी तेजी से सूख रही है. लोगों की मानें तो पिछले वर्ष भी मार्च से जल संकट शुरू हो गया था. निमियां, बैंक कॉलोनी तथा छोटकी बैरिया में स्थिति भयावह है. इस मोहल्ले में रहने वाले अधिकांश लोग पानी की जुगाड़ में भटक रहे हैं. साइकिल, मोटरसाइकिल व टेंपो से दूसरे जगहों से पानी लाने के लिए विवश हैं. जिन लोगों के घर में मोटर है, उन्हें भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है.

पानी खरीदकर निमियां स्कूल में बन रहा मिड डे मील

शहरी एवं ग्रामीण इलाके के कई विद्यालय जल संकट झेल रहे हैं. इसका सीधा असर बच्चों के मध्याह्न भोजन पर पड़ रहा है. वहीं बच्चों को भी पानी के लिए भागदौड़ करना पड़ती है. वार्ड तीन के निमियां में जल संकट गहरा गया है. यहां सभी सरकारी चापानल सूख चुके हैं. निमियां उत्क्रमित मध्य विद्यालय में फरवरी से ही जल संकट है. टैंकर से पानी खरीदकर मध्याह्न भोजन योजना संचालित हो रहा है. प्रधानाध्यापिका उमा कुमारी ने बताया कि स्कूल परिसर में लगे तीन चापानल सूख चुके हैं. 28 फरवरी को वाट्सएप के जरिये सदर प्रखंड के बीइइओ को स्थिति की जानकारी देते हुए पानी की व्यवस्था करने की मांग की गयी थी. लेकिन अबतक विभाग ने कोई पहल नहीं की. स्कूल में मध्याह्न भोजन प्रभावित न हो और बच्चे पानी के लिए परेशान न हो, इसके लिए निजी खर्च कर टैंकर से पानी खरीदती हैं.

कोयल नदी से पानी लाकर बनता है मध्याह्न भोजन

शहर के वार्ड नंबर दो का बजराहा मुहल्ला कोयल नदी तट पर बसा है. लेकिन विडंबना है कि यहां बोरिंग कराने के बाद भी पानी नहीं निकलता है. प्राथमिक विद्यालय में कुछ वर्ष पहले बोरिंग करायी गयी थी. लेकिन पानी नहीं निकला. यहां कोयल नदी से पानी लाकर मध्याह्न भोजन बनता है और बच्चे अपनी प्यास बुझाते हैं. जबकि बजराहा स्कूल से कोयल नदी में उतरने का सुगम रास्ता भी नहीं है.

करीब 300 विद्यालयों में नहीं है पानी की व्यवस्था

पलामू जिले के करीब 300 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पानी की व्यवस्था नहीं है. इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास भी है. लेकिन विभाग ने गंभीरता नहीं दिखायी. संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक कई बार विभागीय पदाधिकारी को स्थिति से अवगत कराते हुए पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग कर चुके हैं. इन विद्यालयों में दूसरे जगहों से पानी लाकर मध्याह्न भोजन व अन्य कार्य किया जाता है. लेकिन अब गर्मी में जल संकट झेल रहे इन विद्यालयों को पानी का जुगाड़ करने में काफी परेशानी हो रही है.

कई विद्यालय भवन में बने हैं मतदान केंद्र

लोकसभा चुनाव को लेकर सरकारी स्कूल भवन को मतदान केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है. लेकिन करीब तीन सौ विद्यालय जल संकट झेल रहे हैं. निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्र पर बिजली, पानी, शौचालय, रैंप सहित आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. 13 मई को पलामू में मतदान होना है. उस समय तक जल संकट गहरा जायेगा.

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