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पति, प्रकृति व पर्यावरण की रक्षा के लिए की जाती है वट सावित्री पूजा : कौशल

Updated at : 26 May 2025 9:12 PM (IST)
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पति, प्रकृति व पर्यावरण की रक्षा के लिए की जाती है वट सावित्री पूजा : कौशल

ट्री मैन कौशल किशोर जायसवाल ने वट सावित्री पूजा के अवसर पर पर्यावरण धर्म की प्रार्थना के साथ बरगद का पौधा लगाया.

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मेदिनीनगर. सोमवार को पर्यावरणविद ट्री मैन कौशल किशोर जायसवाल ने वट सावित्री पूजा के अवसर पर पर्यावरण धर्म की प्रार्थना के साथ बरगद का पौधा लगाया. सावित्री पूजा पर महिलाओं को वटवृक्ष, देवी सावित्री व भगवान सत्यवान के बारे में जानकारी दी. वट सावित्री पूजा कराने के बाद पर्यावरणविद कौशल ने पूजा में शामिल सभी महिलाओं को पर्यावरण धर्म के आठ मूल ज्ञान मंत्रों की शपथ दिलायी. भारतीय संस्कृति में वृक्षों की पूजा की परंपरा सदियों से आ रही है. लेकिन वट वृक्ष की पूजा करने का एक अलग ही धार्मिक महत्व है. शास्त्रों के अनुसार वट वृक्षों पर त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश का वास होता है. जिस गांव में बरगद ,पाकड़, पीपल और नीम के पेड़ होते हैं. उस गांव के लोग स्वस्थ और सुखी होते हैं. छतरपुर पूर्वी के जिप सदस्य अमित जायसवाल ने कहा कि पर्यावरण धर्म के तहत सभी जाति धर्म संप्रदाय के लोग एकत्रित होकर पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करते हैं. मुखिया पूनम जायसवाल ने कहा कि रक्षाबंधन व पौधारोपण कर मानव के साथ-साथ 84 लाख योनि जीवों की आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं. मौके पर प्रोफेसर अरुण कुमार जायसवाल, कोमल जायसवाल, शिल्पा जायसवाल, प्रेमा पांडेय, रिमझिम सिंह, जयंती पांडेय, ज्योति सिंह मौजूद थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATYAPRAKASH PATHAK

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