Prabhat Khabar Impact: 50 हजार में बिका नवजात पलामू की पिंकी देवी को मिला वापस, अब परिवार में लौटेंगी खुशियां
मां की गोद में बिका हुआ नवजात और डीएलएसए की टीम परिवार के साथ
Prabhat Khabar Impact: झारखंड के पलामू जिले में अपने कलेजे के टुकड़े को 50 हजार में बेचने वाली मां पिंकी देवी को इसका नवजात वापस मिल गया है. सीएम हेमंत सोरेन के संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बच्चे को लातेहार से बरामद किया. डीएलएसए की टीम ने गांव जाकर परिवार को सामग्री उपलब्ध करायी. सरकारी योजनाओं का लाभ परिवार को मिलेगा.
Prabhat Khabar Impact: मेदिनीनगर (पलामू), चंद्रशेखर सिंह-पलामू जिले के नीलांबर-पीतांबरपुर (लेस्लीगंज) प्रखंड के लोटवा गांव की पिंकी देवी ने खुद के इलाज के लिए 50 हजार में अपने नवजात को बेच दिया था. प्रभात खबर में मामला प्रकाशित होने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लेते हुए पलामू डीसी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया. जिला प्रशासन ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पदाधिकारी को निर्देश दिया. लेस्लीगंज पुलिस ने रविवार की सुबह करीब नौ बजे लातेहार से बच्चे को बरामद कर मां को सौंप दिया. पिंकी देवी और उसके नवजात को स्वास्थ्य जांच के लिए एमसीसीएच भेजा गया. डीएलएसए सचिव राकेश रंजन ने पीड़ित परिवार के घर जाकर मुलाकात की. उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूल में एडमिशन और परिवार को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा.
बच्चे की मां पिंकी देवी से टीम ने ली जानकारी
इस मामले की सूचना मिलने के बाद डाल्टनगंज व्यवहार न्यायालय के पीडीजे के निर्देश पर डालसा के सचिव राकेश रंजन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, सिविल सर्जन डॉ अनिल श्रीवास्तव और सीडब्लूसी की टीम ने पिंकी देवी से घटना के बारे में जानकारी ली.
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डीएलएसए सचिव ने बच्चों को उपलब्ध करायी सामग्री
विभागीय पदाधिकारियों की टीम ने जब पिंकी देवी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह बच्चे को रिश्तेदार के घर भेज दी थी. वह बार-बार अपना बयान बदल रही है. पदाधिकारियों और सीडब्ल्यूसी की टीम मामले की जांच कर रही है. डीएलएसए (जिला विधिक सेवा प्राधिकार) के सचिव राकेश रंजन ने उस महिला के गांव जाकर बच्चों को सामग्री उपलब्ध करायी.
प्रभात खबर में छपी खबर पर लिया संज्ञान
झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सह हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने प्रभात खबर में छपी खबर का संज्ञान लिया है. इसके बाद झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडेय के निर्देश पर डीएलएसए सचिव राकेश रंजन ने लेस्लीगंज जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के दो बच्चों का सरकारी स्कूल में एडमिशन कराया जाएगा. इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रसाद से बात की गयी है. उन्होंने कहा कि तीनों बच्चों को स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत प्रत्येक महीने चार हजार दिए जाएंगे.
पीड़ित परिवार की स्वास्थ्य जांच का निर्देश
सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिवार का सदर अस्पताल में पूरी जांच की जाए. यदि किसी तरह की कोई परेशानी है तुरंत इलाज किया जाए. बच्चे और उसकी मां को मिशन ऑफ चैरिटी में रखा गया है. जहां सभी चीजें नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाएंगी. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) मामले की जांच कर रही है. सभी सरकारी योजनाओं का लाभ परिवार को मिलेगा.
कौन है पिंकी देवी, जिसने बेच दिया था नवजात को?
पिंकी देवी लोटवा गांव में अपने मायके में रहती है. उसकी शादी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के गोरवा गांव में हुई है, लेकिन शादी के कुछ ही दिन के बाद वह अपने मायके लौट आयी और यहीं रहती है. उसका पति रामचंद्र राम मजदूरी कर जीवन-यापन करता है. उसका पहले से दो लड़का और दो लड़की है. नौ अगस्त को दंपति का पांचवां बच्चा हुआ. उसे लातेहार के दंपति के हाथों बेच दिया गया था. पिंकी देवी ने बताया था कि वह गरीबी से जूझ रही है. स्तन में गिलटी हो जाने के कारण मजबूरी में बच्चे को 50 हजार में बेचा है. आधार कार्ड नहीं होने कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. वह गांव के दुर्गा मंडप के शेड में बच्चों के साथ रहने को विवश है. बच्चे भी पढ़ाई से दूर हैं.
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By Guru Swarup Mishra
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