झारखंड में मां ने किया अपनी ममता का सौदा, जिगर के टुकड़े को 50 हजार में बेचा, पहुंची सीडब्ल्यूसी की टीम

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परिजन और उनसे पूछताछ करती सीडब्ल्यूसी की टीम

Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में एक मां ने अपनी ममता का सौदा कर दिया. उसने जिगर के टुकड़े को 50 हजार रुपए में बेच दिया है. इस बात की जानकारी उसके पति को भी नहीं है. महिला पिंकी देवी बताती है कि खुद का इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे. मजबूरी में उसने अपने बच्चे को बेच दिया. उसका पति रामचंद्र राम मजदूरी करता है. इस परिवार को रहने के लिए घर तक नहीं है. सरकारी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. सीडब्ल्यूसी की टीम सूचना मिलने पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली.

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Palamu News: मेदिनीनगर (पलामू), चंद्रशेखर सिंह-झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड (लेस्लीगंज) के लोटवा गांव की पिंकी देवी ने खुद का इलाज कराने के लिए एक माह के नवजात को 50 हजार में बेच दिया. बच्चे का जन्म नौ अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन हुआ है. महिला काफी गरीब परिवार की है. उसका पति रामचंद्र राम मजदूरी कर जीवन-यापन करता है. दंपत्ति के पांच बच्चे हैं. इनमें तीन लड़के और दो लड़कियां हैं. सोनी कुमारी सबसे बड़ी है. उसकी उम्र 10 वर्ष है. दीपक कुमार आठ वर्ष, सोनाली कुमारी पांच वर्ष, धर्मेंद्र कुमार तीन वर्ष और पांचवा बच्चा करीब एक माह का है. सूचना मिलने पर सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) की टीम ने पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली.

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20 साल पहले महिला की यूपी में हुई थी शादी


पिंकी देवी ने बताया कि स्तन में गिलटी हो गयी है. इलाज के लिए मजबूरी में बच्चे को बेचना पड़ा. गांव के ही डॉक्टर से इलाज करा रहे हैं. अभी भी शरीर में कमजोरी है. पिंकी की शादी 20 साल पहले उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के गोरवा गांव में हुआ था. ससुराल में रहने में काफी परेशानी होती थी. इसलिए मायके में ही रहती है. पिंकी के पति रामचंद्र राम ने बताया कि वह काम करने शहर गए थे. शाम को लौटने के बाद बच्चों ने बताया कि बाबू को बेच दिया गया है. पत्नी को काफी डांट-फटकार लगायी. लोटवा गांव के बगल के चटकपुर के प्रदीप पासवान द्वारा रिश्तेदार के यहां बच्चे की बिक्री की गयी है.

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रहने को घर तक नहीं है-रामचंद्र राम


रामचंद्र राम ने बताया कि रहने के लिए यहां घर भी नहीं है. गांव के देवी मंडप के शेड में परिवार रहता है. आधार कार्ड और पहचान पत्र नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

परिवार को दिया गया 20 किलो चावल-बीडीओ


बीडीओ सुकेशनी केरकेट्टा ने बताया कि पंचायत सचिव को भेजा गया है. परिवार के सदस्यों को सरकारी मदद दिलायी जाएगी. सीडब्ल्यूसी की टीम ने पहुंचकर मामले की जानकारी ली. उन्होंने दंपति से पूछने पर बच्चा वापस कराने की बात कही है. सीडब्ल्यूसी के पदाधिकारियों ने कहा कि बच्चों की खरीद-बिक्री करना गलत है. संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकारी सहायता उपलब्ध करायी जाएगी. प्रशासन द्वारा पिंकी को 20 किलो चावल उपलब्ध कराया गया है.

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