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झारखंड : हाईटेक बन रहे हैं नक्सली, घटना से पहले करा रहे साइट की वीडियोग्राफी, ऐसे करते हैं प्लानिंग

Updated at : 25 Jun 2023 11:12 AM (IST)
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झारखंड : हाईटेक बन रहे हैं नक्सली, घटना से पहले करा रहे साइट की वीडियोग्राफी, ऐसे करते हैं प्लानिंग

पलामू के नक्सली हाईटेक बन रहे हैं. किसी भी घटना को अंजाम देने से पहले वे एंट्री, एक्शन और एग्जिट की प्लानिंग कर रहे हैं. घटना से पहले साइट की वीडियोग्राफी भी करा रहे हैं. पूरी खबर जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट...

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पलामू, सैकत चटर्जी. लगातार बढ़ती पुलिस की दबिश के बीच पलामू में नक्सली अब किसी घटना को अंजाम देने से पहले उसकी फुल प्लानिंग कर रहे हैं. इसके लिए घटना से पहले घटनास्थल  की वीडियोग्राफी करा रहे हैं. उस वीडियो फुटेज को दिखाकर नेतृत्व कर रहे नक्सली अपने साथियों को प्लान समझा रहे हैं, ताकि कहीं कोई चूक न हो जाये. पलामू पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन के तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. उनसे सख्ती से पूछताछ के दौरान ही वीडियो बनाने की बात सामने आई है. इसके अलावा भी कई बातें सामने आई है, जिसके आधार पर पुलिस कई जगह सर्च अभियान चला रही है. उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ पलामू में और भी बढ़ी सफलता मिलेगी. 

कैसे सामने आई वीडियो फुटेज बनाने की बात 

पलामू पुलिस प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के तीन सदस्यों को  गिरफ्तार किया है. इसमें शातिर वीरेंद्र व वुटन तथा एक अन्य नक्सली शामिल है. गिरफ्तारी के बाद इनसे पूछताछ के क्रम में कई नक्सली घटनाओं का खुलासा हुआ है. इनके पास से नक्सली पर्चे भी बरामद हुए हैं. नक्सलियों ने बताया है कि कुछ दिन पहले पलामू के विश्रामपुर थाना क्षेत्र में पुल निर्माण में लगे कंस्ट्रक्शन कंपनी के साइट पर आगजनी की गयी थी, टीएसपीसी के नाम से पर्चा छोड़ा गया था. उस घटना से पहले अपने सहयोगियों की मदद से पुरे इलाके की वीडियो बनायी गयी. उसके आधार पर एंट्री, एक्शन और एग्जिट की प्लानिंग की गयी, तब जाकर घटना को अंजाम दिया गया. 

जनप्रतिनिधियों को फोन कर धमकाता था वीरेंद्र 

पूछताछ के क्रम में शातिर नक्सली वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह फोन कर इलाके के जनप्रतिनिधियों को लेवी के लिए धमकाया करता  था. इलाके में काम कर रहे ठेकेदार भी उसके टारगेट में रहते थे. अपने सादे लिबास वाले सहयोगियों के माध्यम से वीरेंद्र टारगेट में आये लोगो का फोन नंबर हासिल करता था. ऐसा नहीं था कि लोगों को धमकाकर सिर्फ नगद पैसे ही लिए जाते थे, इन लोगों से जरूरत के सामान, मसलन, कपड़ा, दवा, राशन आदि का इंतजाम करने कहा जाता था. 

कई इलाके में सक्रिय था वीरेंद्र और बुटन का दस्ता 

प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी का वीरेंद्र और बुटन पलामू के कई इलाके में सक्रिय था. ये मुख्य रूप से विश्रामपुर, नवा बाजार, पाटन , छतरपुर, रेहला, नवा जयपुर इलाके में अपने संगठन के लिए काम करता था. इनका मुख्य काम जनप्रतिनिधि और ठेकेदारों को डरा कर पैसा वसूलना था. इनके निशाने पर कुछ व्यवसायी भी थे. 

पुलिस के दबिश के कारण अब नहीं रही पहले जैसी ताकत 

सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार नक्सलियों ने यह भी कहा है कि पुलिस की बढ़ती दबिश और लगातार हो रही कार्रवाई की वजह से संगठन में अब पहले जैसी ताकत नहीं रही है. इसे हासिल करने के लिए जल्दी-जल्दी कई घटनाओं को अंजाम देने की प्लानिंग हो रही थी. इसी क्रम में विश्रामपुर में आगजनी की घटना की गयी थी. नक्सलियों ने कई भावी प्लानिंग का जिक्र भी पुलिस के समक्ष किया है. जिसे आधार बनाकर पुलिस आगे की रणनीति बना रही है.

वीरेंद्र और बुटन का पकड़े जाना टीएसपीसी के लिए बड़ा झटका

अपने सक्रिय और शातिर साथी वीरेंद्र का पकडे जाना टीएसपीसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. उसके साथ पकडे गए बुटन भी इन दिनों संगठन में पैठ रखता था. एक साथ तीन नक्सलियों की गिरफ्तारी से टीएसपीसी को तगड़ा झटका लगा है. पुलिस की माने तो यह सही समय है जब टीएसपीसी को घेरा जाये. वैसे भी अब संगठन में हथियार और सदस्यों की कमी आयी है.

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