संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान जरूरी
Published by : SANU KUMAR DUTTA Updated At : 26 May 2025 6:40 PM
संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान जरूरी
नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. जिला बाल संरक्षण इकाई, पाकुड़ एवं गैर सरकारी संस्था झारखंड विकास परिषद, अमड़ापाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग कांति रश्मि, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी व्यास ठाकुर, विनय कुमार शर्मा, विधि सह परिवीक्षा पदाधिकारी शमा परवीन और परियोजना समन्वयक मनोरंजन सिंह ने संयुक्त रूप से किया. सहायक निदेशक ने कहा कि संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, स्पॉन्सरशिप योजना का विस्तार और विभागीय समन्वय जरूरी है. व्यास ठाकुर ने बाल तस्करी, बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही. शमा परवीन ने बालिका गृह की कमी को गंभीर चुनौती बताया. संरक्षण पदाधिकारी राजेश मंडल ने स्पॉन्सरशिप और फोस्टर योजना की जानकारी दी और बच्चों को इनसे जोड़ने की आवश्यकता जताई. चाइल्ड हेल्पलाइन के परामर्शी अभिजीत चंद्र ने 1098 नंबर के महत्व को बताया. कार्यक्रम में श्रम विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, पिरामल फाउंडेशन, उड़ान फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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