डिस्लेक्सिया एक सीखने संबंधी विकार, यह मानसिक समस्या नहीं

पाकुड़ में जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य संतोष कुमार के निर्देश पर, अक्टूबर में डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के तहत, डायट भवन से अंबेडकर चौक तक मौन वाक रैली निकाली गई। जेसीईआरटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिस्लेक्सिया नामक सीखने संबंधी विकार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। डिस्लेक्सिया बच्चों को पढ़ने, लिखने और वर्तनी में कठिनाई देता है, क्योंकि मस्तिष्क भाषा संसाधित करने में असमर्थ होता है। यह मानसिक या बौद्धिक अक्षमता नहीं है। रैली के दौरान विशेष जरूरत वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने पर जोर दिया गया। जागरूकता से समय पर हस्तक्षेप संभव है, जिससे सुधार हो सकता है।
प्रतिनिधि, पाकुड़. जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य संतोष कुमार के निर्देश पर बुधवार को डायट भवन से अंबेडकर चौक तक डिस्लेक्सिया की रोकथाम के लिए मौन वाक रैली निकाली गई. डायट के प्रभारी प्राचार्य राकेश रजक ने बताया कि जेसीईआरटी के निर्देशानुसार अक्टूबर माह में डिस्लेक्सिया जागरूकता माह मनाया जा रहा है, जिसके तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान विद्यालयों में विशिष्ट अक्षमता वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि डिस्लेक्सिया एक सीखने संबंधी विकार है, जो पढ़ने, लिखने और वर्तनी में कठिनाई उत्पन्न करता है, क्योंकि मस्तिष्क को भाषा संसाधित करने में समस्या होती है. यह कोई मानसिक समस्या नहीं है, बल्कि बौद्धिक अक्षमता या दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण होता है. इससे बच्चों को शब्दों को पहचानने और उनका अर्थ समझने में परेशानी होती है. इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया है, जिससे हस्तक्षेप के माध्यम से सुधार किया जा सकता है.
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