श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज से की गौ माता की पूजा

पाकुड़. जिला मुख्यालय समेत प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को गोवर्धन पूजा की गयी.
22 अक्तुबर फोटो संख्या-06 कैप्शन- गौ माता की पूजा के दौरान प्रतिनिधि, पाकुड़. जिला मुख्यालय समेत प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को गोवर्धन पूजा की गयी. श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गायों की पूजा की. गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक स्वरूप बनाकर पूजन किया गया. महिलाओं ने घर-आंगन में रंगोली सजाई और गोवर्धन पर्वत के प्रतीक स्वरूप दीपक जलाए. बच्चों और युवाओं ने भी पूजा में भाग लिया. श्रद्धालुओं ने बताया कि गोवर्धन पूजा प्रकृति के संरक्षण, गौ-संवर्द्धन और सामूहिक सद्भाव का प्रतीक है. गोवर्धन पूजा में गोधन अर्थात गायों की पूजा की जाती है. शास्त्रों में बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा. गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है. देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्धि प्रदान करती हैं. उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं.
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