उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चैती छठ का समापन
Published by : RAGHAV MISHRA Updated At : 04 Apr 2025 5:14 PM
पाकुड़. उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिनों का महापर्व चैती छठ का शुक्रवार को समापनहो गया.
पाकुड़. उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिनों का महापर्व चैती छठ का शुक्रवार को समापनहो गया. सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर के विभिन्न छठ घाटों पर पूजन सामग्री के साथ पहुंचे, जहां छठ व्रती पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य की अराधना कर अर्घ्य दिया. इसके बाद व्रतियों ने एक दूसरे को सिंदूर लगा कर सुख शांति की कामना की. व्रतियों ने बताया कि छठ पूजा हिंदुओं का प्रमुख पर्व है जो सूर्य देवता को समर्पित है. यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. एक बार ग्रीष्म ऋतु में और दूसरी बार शरद ऋतु में. बताया कि इस पर्व का बहुत महत्व है. छठी मैया की पूजा करने से हर मनोकामनाएं पूरी हो जाती है. इससे घर परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है. पूरे 36 घंटे का निर्जला उपवास करने के बाद छठव्रती अर्घ्य देती हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










