मात्र तीन शिक्षकों के भरोसे 1410 बच्चों का भविष्य
Updated at : 15 Sep 2015 8:58 AM (IST)
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पाकुड़िया : प्रखंड मुख्यालय स्थित इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय के छात्रों को विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के मुताबिक वर्ष 2006 में उच्च विद्यालय को उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय का दर्जा मिला था. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि प्लस […]
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पाकुड़िया : प्रखंड मुख्यालय स्थित इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय के छात्रों को विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के मुताबिक वर्ष 2006 में उच्च विद्यालय को उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय का दर्जा मिला था. लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि प्लस टू में महज दो शिक्षक एक संस्कृत एवं दूसरा जीव विज्ञान के लिये पदस्थापित हैं. वहीं माध्यमिक में प्रधानाध्यापक के अलावे एक सहायक शिक्षक गणित विषय के लिये पदस्थापित हैं.
इस विद्यालय में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 1410 हैं. जिसमें नवम वर्ग में 369, दशम वर्ग में 343, 11वीं में 306, 12वीं में 392 छात्र नामांकित हैं. वर्ग नवम एवं दशम के बच्चों को प्रधानाध्यापक विनोद कुमार पांडे हिंदी, रवींद्रनाथ घोष गणित, प्लस टू के छात्रों को ओमप्रकाश भगत संस्कृत एवं जीव विज्ञान प्रमीला टुडू पढ़ाती हैं. इन्हीं शिक्षकों द्वारा बच्चों को एक घंटी से तीन घंटी तक लगातार पढ़ाना पड़ता है. ऐसी परिस्थिति में बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा होना तो दूर विषयवार पढ़ाई भी नहीं हो पाती है.
पठन-पाठन के अभाव में फिलहाल विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति भी कम दिखने लगी है. विषयवार शिक्षकों के अभाव में बच्चों के शिक्षा पर काफी असर पड़ रहा है. आश्चर्य की बात तो यह है कि महज तीन शिक्षक कैसे 1410 बच्चों को संभालते हैं.
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