यात्री शेड का बुरा हाल, शौचालय की कमी

Updated at : 29 Jul 2017 5:06 AM (IST)
विज्ञापन
यात्री शेड का बुरा हाल, शौचालय की कमी

बदहाली. करोड़ों का राजस्व देने वाला पाकुड़ स्टेशन बुनियादी सुविधाओं से है महरूम करोड़ों का राजस्व देने वाले पाकुड़ स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधा के लिए महरूम है. प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ से भी अधिक राजस्व रेलवे को देने वाले पाकुड़ स्टेशन में यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. स्टेशन पर बुनियादी […]

विज्ञापन

बदहाली. करोड़ों का राजस्व देने वाला पाकुड़ स्टेशन बुनियादी सुविधाओं से है महरूम

करोड़ों का राजस्व देने वाले पाकुड़ स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधा के लिए महरूम है. प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ से भी अधिक राजस्व रेलवे को देने वाले पाकुड़ स्टेशन में यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. स्टेशन पर बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है.
पाकुड़ : हाल ही में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाये गये प्लेटफॉर्म की स्थिति बदतर हो गयी है. कई जगहों पर अभी से ही टूटना शुरू हो गया है. वहीं यात्रियों के प्लेटफॉर्म पर बनाये गये शेड से हल्की बारिश में पूरा पानी चूने लगता है. यात्रियों को शेड के नीचे जहां तहां खड़ा हो कर या तो छाता या फिर प्लास्टिक के सहारे अपने आप को बचाना पड़ता है. शौचालय की अगर बात करें तो देख-रेख के अभाव में शौचालय भी काफी गंदा रहता है. यही हाल पार्किंग व्यवस्था का भी है.
पत्थर व्यवसाय से 400 करोड़ सालाना राजस्व की होती है प्राप्ति
रेलवे को राजस्व की अगर बात करें तो केवल पत्थर से ही 400 करोड़ रुपये सालाना राजस्व रेल को पाकुड़ से जाता है. इसके अलावे यात्री ट्रेनों से सात करोड़ रुपये सालाना राजस्व मिलता है. माल भाड़ा व अन्य राजस्व की अगर बात करें तो इन क्षेत्रों से भी रेलवे को करोड़ों सालाना राजस्व की प्राप्ति होती है. बावजूद रेल प्रशासन पाकुड़ स्टेशन के सौंदर्यीकरण को लेकर संवेदनशील नहीं दिख रहे हैं.
निविदा नहीं होने के कारण अब तक नहीं बन सका पार्किंग स्थल
इस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर एसोसिएशन पाकुड़ के अध्यक्ष हिसाबी राय व सचिव राणा शुक्ला ने बताया कि काफी प्रयास के बाद स्टेशन के बाहर पार्किंग को लेकर बजट तैयार कर ली गयी है. रेलवे की ओर से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी भी दे दी गयी है. परंतु निविदा की प्रक्रिया पूरा नहीं होने के कारण पार्किंग का कार्य शुरू नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि पाकुड़ स्टेशन के सौंदर्यीकरण को लेकर रेलवे को ध्यान देना होगा.
प्लेटफॉर्म नंबर दो पर शौचालय नहीं
जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपये खर्च तो की जा रही है लेकिन यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है. प्लेटफॉर्म संख्या दो की अगर बात करें तो यहां शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है. खास कर महिला यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर शौचालय सहित अन्य सुविधा मुहैया कराये जाने को लेकर कई बार रेल यात्री संघ व अन्य यात्रियों की ओर से मांग की गयी है. लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की सुविधा रेल प्रशासन की ओर से नहीं मुहैया करायी गयी. यात्री सुविधा बढ़ाने का दावा खोखला साबित हो रहा है.
देश के राजधानी पहुंचने के लिए नहीं है सीधी ट्रेन
देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचने के लिए सीधे तौर पर एक भी एक्सप्रेस ट्रेन नहीं है. दिल्ली जाने के लिए पाकुड़ जिलेवासियों को बरहरवा जंक्शन जाना पड़ता है. जिससे यात्रियों को काफी परेशानी भी उठानी पड़ती है. कभी-कभी तो समय पर बरहरवा नहीं पहुंच पाने के कारण लोगों की ट्रेन भी छूट जाती है. शेडयुक्त प्लेटफॉर्म सहित सारी सुविधाएं देनी होगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola