सरकार खाद्यान्न के साथ धोती साड़ी भी दे रही है

Author Deepak
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सरकार खाद्यान्न के साथ धोती साड़ी भी दे रही है

खाद्य, सार्वजनिक, वितरण व उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देश पर नया नगर भवन लोहरदगा में जिला आपूर्ति कार्यालय की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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लोहरदगा. खाद्य, सार्वजनिक, वितरण व उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देश पर नया नगर भवन लोहरदगा में जिला आपूर्ति कार्यालय की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन विधायक डॉ रामेश्वर उरांव ने किया. मौके पर उन्होंने कहा कि पहले हमारे देश में बहुत से ऐसे गरीबों की संख्या काफी अधिक थी, जिन्हें राशन नहीं मिलता था. कई परिवारों का नाम खाद्य सुरक्षा योजनाओं में नहीं था. केंद्र सरकार लाल और पीला राशन कार्ड से राशन दे रही थी, लेकिन अब तक कई परिवार वंचित थे. वर्तमान सरकार के पिछले कार्यकाल में मैंने बतौर विभागीय मंत्री रहते हुए हरा राशन कार्ड की योजना लायी, जिससे छूटे हुए परिवार अच्छादित हुए. झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत परिवार के प्रत्येक सदस्य को पांच किलो अनाज मिलता है. देश में अधिकतर राज्यों में सिर्फ अनाज दिया जाता है, जबकि झारखण्ड में चावल, गेहूं, चना दाल भी दिया जाता है. मैंने सरकार को प्रति परिवार को सोयाबीन दिये जाने का भी प्रस्ताव दिया है. अगर यह योजना लागू हो जाती है, तो प्रत्येक परिवार को चावल/गेहूं, दाल और सोयाबीन के रूप में एक सब्जी मिल सकेगी. मात्र 10 रुपये में धोती/लुंगी व साड़ी एक व्यक्ति को भोजन के साथ-साथ कपड़ों की भी आवश्यकता होती है. हमारी सरकार वर्ष में दो बार प्रति परिवार को धोती/लुंगी व साड़ी उपलब्ध करा रही है. इसके लिए मात्र 10 रुपये कार्डधारक से लिया जा रहा है. इतनी कम कीमत पर राज्य सरकार लोगों के तन ढंकने का कार्य कर रही है. किसानों को धान अधिप्राप्ति के लिए करें प्रेरित अभी सरकार किसानों को 2300 रुपये प्रति क्विंटल और 100 रुपये बोनस के रूप में कुल 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान कर रही है. आप छूटे हुए किसानों को अपना धान लैंपस में जमा कर इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें. साथ ही वैसे किसानों की भी जांच करें जो असामान्य मात्रा में अपना धान लैंपस को देते हैं. जरूरतमंद लोग राशन कार्ड से अभी भी वंचित: रीना कुमारी जिला परिषद अध्यक्ष रीना कुमारी ने कहा कि अभी भी कई जरूरतमंद लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पाया है. सरकार की ओर से सुविधा दी जा रही है लेकिन लोग वंचित हैं. सभी राशन डीलर ऐसे लोगों को खाद्य सुरक्षा येाजनाओं से जोड़ें. उनकी समस्याओं का समाधान करें. रोटी, कपड़ा और मकान प्राथमिकता में : डीडीसी उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है. अनाज और धोती/लुंगी व साड़ी आपूर्ति विभाग द्वारा दिया जा रहा है. ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना व अबुआ आवास योजना लोगों को दिया जा रहा है. प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाना है. धान अधिप्राप्ति में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करना है. बिचौलिए किसानों से काफी कम मूल्य पर धान खरीद लेते हैं. किसानों को अपना धान लैम्पस में भी बेचने के लिए प्रेरित करें. जो योग्य हैं उन्हें खाद्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ें. पीवीटीजी डाकिया योजना को लाभुक को सौ प्रतिशत अच्छादित करें. 21-27 मार्च तक चलेगा ई-केवाइसी सप्ताह : डीएसओ जिला आपूर्ति पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि सभी कार्डधारियों व उनके परिवार के सदस्यों का ई-केवाइसी किया जा रहा है. इसके लिए विशेष ई-केवाइसी सप्ताह मनाया जा रहा है, जो 27 मार्च तक सभी प्रखण्डों में चलेगा. सभी किसानों को धान अधिप्राप्ति के लिए प्रेरित करें. किसानों को धान अधिप्राप्ति की राशि समय से भुगतान किया जा रहा है. प्रशिक्षण में ई-पॉश मशीन (4जी), धान अधिप्राप्ति, ई-केवाईसी आदि बिंदुओं का प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम में अपर समाहर्ता जितेंद्र मुण्डा, विधायक प्रतिनिधि नीशीथ जायसवाल, जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी समेत सभी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी, सभी मार्केटिंग अफसर, राशन डीलर व अन्य उपस्थित थे.

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