धौरा के ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बनी जर्जर सड़क, पैदल चलना हुआ दूभर

प्रखंड के अति पिछड़े सलगी पंचायत के धौरा गांव के ग्रामीणों के लिए जर्जर सड़क जी का जंजाल बनी हुई है.
फोटो जर्जर सड़क का नजारा कुड़ू. : प्रखंड के अति पिछड़े सलगी पंचायत के धौरा गांव के ग्रामीणों के लिए जर्जर सड़क जी का जंजाल बनी हुई है. जर्जर सड़क के कारण जहां रोजाना बाइक व साइकिल दुर्घटना हो रही है, तो शुक्रवार रात को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने व इलाज नहीं मिलने के कारण सांप के डंसने से दो ग्रामीणों की मौत हो गयी. बताया जाता है कि सलगी पंचायत सचिवालय से धौरा गांव की दूरी लगभग चार किलोमीटर है. सड़क का निर्माण लगभग तीन दशक पहले साल 1998-99 में विश्व संपोषित योजना के तहत बनायी गयी थी. इसके बाद से आज तक सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी है. सड़क की हालत यह है कि सड़क को देखने के बाद पता ही नहीं चलता है कि सड़क में गड्ढे हैं या फिर गड्ढों में सड़क. ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर सड़क को लेकर पिछले पांच चुनाव से गांव पहुंचने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी रहे उम्मीदवारों को मामले से अवगत कराया गया है. सभी ने आश्वासनों की घुट्टी पिलाकर अपना दामन छुड़ा लिया, चुनाव जीतने के बाद आज तक ना कोई विधायक ना ही सांसद गांव पहुंचे हैं. ग्रामीणों ने सलगी गांव में आयोजित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सह पुर्व मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव को लिखित आवेदन देकर मामले से अवगत कराया था लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया. जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों, किसानों तथा विद्यार्थियों को सलगी व कुडू प्रखंड मुख्यालय आने व वापस लौटने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटा का समय लगता है. इस मामले में सीओ संतोष उरांव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए सड़क बनाने की मांग करेंगे.
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