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लैम्पस में नहीं शुरू हुई है सरकारी दर पर धान अधिप्राप्ति

Updated at : 28 Nov 2024 8:15 PM (IST)
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लैम्पस में नहीं शुरू हुई है सरकारी दर पर धान अधिप्राप्ति

सरकारी दर पर धान अधिप्राप्ति नहीं होने के कारण प्रखंड के किसान बिचौलिये के माध्यम से औने-पौने दामों में धान बेचने को विवश हो गये हैं.

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औने-पौने दामों में धान बेचने को विवश हैं किसान फोटो . कुड़ू लैम्पस लिमिटेड का कार्यालय कुड़ू लोहरदगा. सरकारी दर पर धान अधिप्राप्ति नहीं होने के कारण प्रखंड के किसान बिचौलिये के माध्यम से औने-पौने दामों में धान बेचने को विवश हो गये हैं. प्रखंड के चार लैम्पस कुड़ू, कोलसिमरी, लावागाई तथा चंदलासो में सरकारी दर पर धान अधिप्राप्ति की जाती है लेकिन किसी भी लैम्पस में धान अधिप्राप्ति के लिए सरकारी आदेश नहीं मिल पाया है. बताया जाता है कि इस साल धान की बेहतर पैदावार हुई है. सरकारी दर पर 2400 सौ रुपए क्विंटल तथा राज्य सरकार के द्वारा बोनस की राशि किसानों को दी जाती है. कुड़ू लैम्पस में लगभग तीन सौ, कोलसिमरी लैम्पस में दो सौ,लावागाई लैम्पस में तीन सौ तथा चंदलासो लैम्पस में लगभग दो सौ पचास किसानों का धान बिक्री के लिए निबंधन कराया गया है जबकि किसान सरकारी दर पर धान बेचने के लिए संबंधित लैम्पस में निबंधन करा सकते हैं. प्रखंड के विभिन्न गांवों से लेकर पंचायत,गली – मुहल्ले में धान खरीद सेंटर बना हुआ है जहां किसान औने-पौने दाम पर धान बेच रहे हैं. प्रखंड से प्रतिदिन तीन ट्रक धान पश्चिम बंगाल से लेकर ओड़िसा तक तथा बिहार से लेकर राज्य के विभिन्न चावल मिल मे भेजा जा रहा है. सरकारी दर पर जहां 2400 सौ रुपए क्विंटल धान खरीदारी होती है तो दूसरी तरफ खुले में विभिन्न सेंटरों पर 1900 सौ से लेकर दो हजार रुपए क्विंटल धान खरीदा जा रहा है. किसानों को चार हजार से लेकर पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है. निबंधन कराये कुछ किसानों ने बताया कि लैम्पस में धान की खरीदारी नहीं हो रही है. धान कटनी के बाद गेहूं से लेकर अन्य फसल लगाने का सीजन चल रहा है. धान बेचने के बाद किसान जहां मजदूरी का भुगतान कर रहें हैं तो दूसरी तरफ बीज खरीद रहे हैं तथा खेतों की जुताई करा रहे हैं. धान अधिप्राप्ति नही होने के कारण चार से पांच हजार रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान करते हुए धान खुले मे बेच रहे हैं. बताया जाता है कि कुड़ू लैम्पस में पिछले साल नवंबर माह से धान की खरीदारी शुरू हो गई थी तथा साल 2023 में दो हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति की गई थी जबकि अन्य लैम्पस में लगभग पांच हजार क्विंटल से अधिक धान की अधिप्राप्ति की गयी थी, लेकिन इस साल नवंबर माह के समापन होने तक लैम्पस में धान अधिप्राप्ति का आदेश भी जारी नहीं हो पाया है. इस संबंध में कुड़ू लैम्पस के अध्यक्ष पौलुस लकड़ा ने बताया कि 15 दिसंबर के बाद धान अधिप्राप्ति करने का आदेश मिलेगा. निबंधन कराये किसानों से धान की खरीदारी शुरू होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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