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आस्था परंपरा और उत्सव का संगम है मकर संक्रांति : विमलेश

Updated at : 14 Jan 2026 8:35 PM (IST)
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आस्था परंपरा और उत्सव का संगम है मकर संक्रांति : विमलेश

प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सेन्हा में बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मकर संक्रांति का उत्सव मनाया गया.

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सेन्हा. प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सेन्हा में बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मकर संक्रांति का उत्सव मनाया गया. इस अवसर पर संघ संचालक सह उपाध्यक्ष केदार साहू विद्यालय प्रबंधन समिति सदस्य अजय साहू खंड कार्यवाह मोहन महली समाज सेवी जोधनारायण साहू की उपस्थिति में विद्यालय के सभी सभी भैया बहन और आचार्य आचार्याओं के द्वारा सामूहिक रूप से श्रद्धा भाव भक्ति से मकर संक्रांति पर्व मनाया गया. वहीं मोहन महली के द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक गीत गाया गया. प्रधानाचार्य विमलेश कुमार तिवारी ने कहा मकर संक्रांति के साथ ही सूर्य के उतरायण होने की शुरुआत होती है.जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही कहा कि मकर संक्रांति का त्योहार आस्था,परंपरा और उत्सव का संगम है. मकर संक्रांति के अवसर पर विद्यालय में लोग तिल,गुड और चूड़ा के बने व्यंजन,खिचड़ी और मिठाइयां खाते हैं. साथ ही इन्होंने कहा आध्यात्मिक वैज्ञानिक,प्रकृति तथा सामाजिक दृष्टि से भी मकर संक्रांति पर्व के विशेष महत्व है. मौके पर प्रतिभा देवी, संध्या कुमारी, संजना कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, अंजनी कुमारी, जयप्रकाश सिंह, आनंद पांडेय सहित सभी भैया बहन उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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