भूमि विवाद औसतन चार आपराधिक मामलों को देती है जन्म : डालसा सचिव

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भूमि विवाद औसतन चार आपराधिक मामलों को देती है जन्म : डालसा सचिव

भूमि विवाद औसतन चार आपराधिक मामलों को देती है जन्म : डालसा सचिव

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लोहरदगा़ जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं ग्राम नियोजन केंद्र लोहरदगा के संयुक्त तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित डालसा सभा कक्ष में भूमि साक्षरता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला के दौरान पीएलवी से जिले में प्रतिदिन होने वाले भूमि विवादों और उससे उत्पन्न आपराधिक मामलों की विस्तृत जानकारी ली गयी. डालसा सचिव राजेश कुमार ने बताया कि भूमि विवाद औसतन चार आपराधिक मामलों को जन्म देते हैं. ऐसे में पीएलवी को यह जानकारी आवश्यक होनी चाहिए कि भूमि हस्तांतरण की वैध प्रक्रिया क्या है, खरीद-बिक्री का कानूनी पैमाने क्या है और अंचल कार्यालय का नामांतरण में क्या योगदान होता है. कार्यक्रम का उद्घाटन लैन्डेसा की शिप्रा देव और डालसा सचिव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर ग्राम नियोजन केंद्र के इस्तियाक अहमद ने प्रतिभागियों को लिखित प्रश्नावली देकर उनकी जमीन संबंधी समझ की जानकारी प्राप्त की. इसके आधार पर आगामी प्रशिक्षण विषयों को तय किया गया. शिप्रा देव ने बताया कि झारखंड में भूमि विवाद के चलते अनेक हत्याएं होती हैं. कई बार डायन-बिसाही के झूठे आरोप लगाकर एकल महिलाओं से उनकी जमीन छीन ली जाती है. ऐसे में महिलाओं को भी भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी होना आवश्यक है. मौके पर एलएडीसीएस के डिप्टी चीफ नारायण साहू, पम्मी कुमारी, कार्यालय सहायक जीकेएन, निमहंती मिंज, हफीजुल अंसारी, गौतम लेनिन, रवि कुमार, रोहित कुमार, बबलू सिंह, शीत महतो, छाया देवी, अनिता कर्मकार, दीपक कुमार, पूजा देवी समेत दर्जनों प्रतिभागी मौजूद रहे.

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Shailesh Ambashtha

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