12 साल पहले खरीदी गयी डीजी जनरेटर मशीन बनी कबाड़

Updated at : 18 Mar 2025 7:42 PM (IST)
विज्ञापन
12 साल पहले खरीदी गयी डीजी जनरेटर मशीन बनी कबाड़

12 साल पहले कुडू प्रखंड के सभी 14 पंचायतों में लगभग पांच लाख की लागत से खरीदी गयी डीजी जनरेटर मशीन संचालन के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो रही हैं.

विज्ञापन

लोहरदगा . 12 साल पहले कुडू प्रखंड के सभी 14 पंचायतों में लगभग पांच लाख की लागत से खरीदी गयी डीजी जनरेटर मशीन संचालन के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो रही हैं. खरीदारी के 12 साल बाद तक एक बार ही कुछ-कुछ पंचायतों में जनरेटर को चालू भी नहीं किया गया है ना ही कभी स्टार्ट किया गया है. नतीजा जनरेटर मशीन खराब होने के कगार पर पहुंच गया है. बताया जाता है कि पंचायत में संचालित होने वाले विकास कार्यों का आनलाइन डाटा एंट्री से लेकर पंचायत में संचालित होने वाले प्रज्ञा केंद्र, कर्मियों तथा संबंधित पंचायत के जनप्रतिनिधियों के कार्यालय में विद्युत आपूर्ति को लेकर पंचायत चुनाव के बाद साल 2013 में पांच लाख की लागत से डीजी जनरेटर मशीन की खरीदारी पंचायत को मिली राशि से की गई थी. डीजी जनरेटर मशीन खरीदारी के पीछे सरकार तथा जिला प्रशासन का उद्देश्य था कि पंचायत में संचालित होने वाले सभी कार्य पंचायत सचिवालय में हो तथा आमजनों को अपने काम के लिए प्रखंड सह अंचल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े. लेकिन डीजी जनरेटर मशीन खरीदारी के 12 साल बाद भी जनरेटर से पंचायत सचिवालय को कनेक्ट करना तों दऊर जनरेटर से वायरिंग का काम भी नहीं किया जा सका है. प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में डीजी जनरेटर मशीन कबाड़ मे तब्दील होने के लिए छोड़ दिया गया है. कुछ मुखिया ने बताया कि डीजी जनरेटर मशीन खरीदारी उनके समय में नहीं की गयी है. जब से पंचायत का प्रभार लिए हैं जनरेटर को चालू करने का आदेश भी नहीं लिखित रूप से नहीं मिल पाया है. जनरेटर मशीन से पंचायत सचिवालय में वायरिंग नहीं किया गया है. नतीजा पंचायत में कुछ काम बिजली का नहीं होता है.पंचायत सचिवालय में प्रखंड कार्यालय से संबंधित मनरेगा का आनलाइन डाटा एंट्री से लेकर मजदुरी भुगतान, जन्म – मृत्यु प्रमाणपत्र, सरकार द्धारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आवेदन का आनलाइन एंट्री अंचल कार्यालय से संबंधित जमीन मोटेशन से लेकर अन्य कार्य किया जाना था, लेकिन पंचायत सचिवालय में विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पंचायत में कोई काम नहीं हो पाता है. कुल मिलाकर डीजी जनरेटर मशीन का प्रयोग नहीं होने से डीजी जनरेटर मशीन खरीदारी का उद्देश्य विफल साबित हो रहा है तो सरकार के पांच लाख रुपए बेकार हो रहें हैं. इस संबंध में प्रभारी बीडीओ सह सीओ मधुश्री मिश्रा ने बताया कि पंचायत में डीजी जनरेटर मशीन कब खरीदारी की गयी थी. इसकी जानकारी ले रहे हैं. जनरेटर का प्रयोग करते हुए पंचायत सचिवालय में विधुत आपूर्ति बहाल करने का निर्देश सभी मुखिया व पंचायत सचिव को दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK

लेखक के बारे में

By DEEPAK

DEEPAK is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola