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नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस की करारी हार, दिग्गजों के गढ़ में बिखराव का दिखा असर

Updated at : 28 Feb 2026 9:59 PM (IST)
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नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस की करारी हार, दिग्गजों के गढ़ में बिखराव का दिखा असर

नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस की करारी हार, दिग्गजों के गढ़ में बिखराव का दिखा असर

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लोहरदगा़ देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के लिए लोहरदगा नगर परिषद चुनाव का परिणाम किसी बड़े झटके से कम नहीं है. पार्टी समर्थित उम्मीदवार को मिली करारी हार ने न केवल स्थानीय संगठन की पोल खोल दी है, बल्कि कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को भी सार्वजनिक कर दिया है. चुनाव में पार्टी समर्थित उम्मीदवार को मात्र 2086 वोट मिले, जो पार्टी की जमीनी स्थिति पर बड़े सवाल खड़ा कर रहे हैं. जबकि लोहरदगा में कांग्रेस पार्टी के ही सांसद, विधायक और अन्य दिग्गज कहे जाने वाले नेता हैं और उनके रहते जैसा परिणाम आया तो निश्चित रूप से यह सवाल खड़ा करता है. कांग्रेसी ही बताते हैं कि यह हार नहीं शर्मनाक हार है. टिकट बंटवारे से ही तय हो गयी थी हार : राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस हार की पटकथा टिकट की घोषणा के दिन ही लिख दी गयी थी. पार्टी ने जिसे ””””समर्पित”””” और ””””वरिष्ठ”””” नेता बताकर मैदान में उतारा, उसे कार्यकर्ताओं ने ””””पैराशूट”””” कैंडिडेट माना. विरोध का आलम यह था कि पार्टी के ही तीन लोग बागी होकर मैदान में उतर गये. इनमें से एक ने नाम वापस लिया, लेकिन दो उम्मीदवार अंत तक डटे रहे. इनमें विशाल डुंगडूंग को 1547 वोट और सतीश रंजन उरांव को मात्र 499 वोट मिले. यदि पार्टी समर्थित उम्मीदवार और बागी कांग्रेसी उम्मीदवारों के मतों को जोड़ भी दिया जाये, तो 4132 वोट होते हैं. ये तीनों निर्दलीय पावन एक्का के 8945 मतों के आंकड़े तक को नहीं छू सके. नेतृत्व का अभाव और गुटबाजी : लोहरदगा को कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता है, जहां पार्टी के सांसद और विधायक मौजूद हैं. इसके बावजूद यह प्रदर्शन पार्टी की भीतरघात को दर्शाता है. स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्क्रीनिंग कमेटी में नाम नहीं होने के बावजूद एक व्यक्ति को विशेष मकसद से टिकट दिलाया गया. चुनाव के दौरान कई दिग्गज नेताओं ने खुद को पूरी तरह अलग रखा, जबकि जिला अध्यक्ष द्वारा दिये गये एक विवादास्पद बयान ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी. कार्यकर्ता आरोप लगाते हैं कि पार्टी में नेतृत्व का घोर अभाव है और चुनाव के वक्त ही कार्यकर्ताओं को याद किया जाता है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू : हार के बाद अब जिला इकाई में शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. पार्टी सूत्रों की मानें तो यह असंतोष आने वाले जिला परिषद चुनाव तक जारी रह सकता है. कार्यकर्ताओं का स्पष्ट मानना है कि यदि कांग्रेस का वोटबैंक एकजुट रहता, तो परिणाम बिल्कुल अलग होते. नगर परिषद चुनाव का परिणाम प्रत्याशी का नाम प्राप्त मत अनिल उरांव 9731 पावन एक्का 8945 बालमुकुंद लोहरा 2990 संतोष उरांव 2086 विशाल डुंगडुंग 1547 विलियम कुजूर 695 सतीश रंजन उरांव 499 संजय टोप्पो 409 राजेंद्र लोहरा 295 लक्ष्मी नारायण भगत 214

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SHAILESH AMBASHTHA

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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