टैक्स से ही होते हैं विकास कार्य
Updated at : 12 Jul 2016 7:57 AM (IST)
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लोहरदगा : अभिलाषा सभागार में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से इनकम डिक्लीयरेशन स्कीम 2016 पर कार्यशाला का आयोजन किया. कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में डीसी डॉ भुवनेश प्रताप सिंह, इनकम टैक्स विभाग की डिप्टी कमिश्नर भावना गुलाटी मौजूद थे. इस अवसर पर इनकम डिक्लीयरेशन स्कीम 2016 के संबंध में विस्तार से जानकारी […]
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लोहरदगा : अभिलाषा सभागार में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से इनकम डिक्लीयरेशन स्कीम 2016 पर कार्यशाला का आयोजन किया. कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में डीसी डॉ भुवनेश प्रताप सिंह, इनकम टैक्स विभाग की डिप्टी कमिश्नर भावना गुलाटी मौजूद थे. इस अवसर पर इनकम डिक्लीयरेशन स्कीम 2016 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी़
कहा गया कि इस स्कीम का लोग लाभ उठायें. अब तक जिन्होंने अपनी संपत्ति को इनकम टैक्स में नहीं दर्शाया है, उनके लिए यह सुनहरा मौका है. यह योजना एक जून 2016 से 30 सितंबर 2016 तक के लिए है.
संपत्ति की घोषणा यदि आपने नहीं किया है, तो इस दौरान कर सकते हैं और इसमें आपके ऊपर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जायेगी. एक जून से 30 सितंबर के बीच कभी भी इसकी घोषणा आप कर सकते हैं. संपत्ति पर इनकम टैक्स नहीं देना अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे लोगों के पकड़ में आने के बाद उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है.
श्रीमती गुलाटी ने कई धाराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकम टैक्स विभाग को विभिन्न स्त्रोतों से आपकी संपत्ति का पता तो चल ही जाता है, चाहे वह घोषित संपत्ति हो या अघोषित संपत्ति हो. मौके पर डीसी डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा यह सुविधा दी गयी है और इसका लाभ वैसे लोग उठायें, जो अपनी संपत्ति का टैक्स नहीं देते. हम सभी लोग तभी काम कर पाते हैं, जब हमें टैक्स मिलता है. टैक्स से ही सभी विकास के कार्य एवं गरीबों के हित के काम होते हैं. सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन टैक्स द्वारा ही होता है.
डीसी ने कहा कि व्यवसायी भी अपने वाणिज्य कर का भुगतान सही तरीके से करें. इसके लिए बहुत सुविधाएं दी गयी है. ये योजनाएं न सिर्फ हमारे राज्य के लिए, बल्कि हमारे देश के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. आये दिन हमलोगों को शिकायत मिलती है कि किसी के पास आय से बहुत ज्यादा संपत्ति है, तो ऐसे लोगों को अपनी संपत्ति का कर अदा कर इसकी घोषणा करनी चाहिए. यह एक सुनहरा अवसर है. इसमें यह नहीं पूछा जायेगा कि आपने यह संपत्ति कहां से अर्जित की है.
उन्होंने कहा कि यह योजना नयी योजना नहीं है. यह योजना 1997 में आयी थी, उस समय केंद्र सरकार को 78 हजार करोड़ रुपये का फायदा हुआ था. अब 20 साल बाद फिर यह योजना आयी है.
मौके पर इनकम टैक्स विभाग के संजीव चौरसिया, हिमांशु कुमार मिश्रा के अलावा लोहरदगा चेंबर ऑफ कॉमर्स, ट्रक आेनर एसोसिएशन, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, मारवाड़ी युवा मंच, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षा विभाग के लोग सहित जिले के व्यवसायी बड़ी संख्या में मौजूद थे.
कार्यशाला में डीएफओ एसआर नटेश, एसडीओ राज महेश्वरम के अलावा सभी विभागों के प्रमुख मौजूद थे. स्लाइड के माध्यम से अधिकारियों ने पूरी जानकारी दी. कार्यक्रम के समापन के बाद चेंबर ऑफ काॅमर्स के रितेश कुमार द्वारा इनकम टैक्स कमिश्नर भावना गुलाटी को बुके देकर सम्मानित किया गया.
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