गांव में आज तक नहीं पहुंची है सरकार की कोई योजना

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jul 2019 2:03 AM

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अधिकारियों के दौरे से उजागर हुई खम्हण गांव की सच्चाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भी योजना इस गांव में नहीं पहुंची है किस्को/लोहरदगा : प्रभात खबर में 16 जुलाई को नाबालिग बच्चों द्वारा परिवार चलाने की खबर छपने के बाद पहली बार प्रखंड प्रशासन जागा. प्रखंड के अधिकारी और जनप्रतिनिधि रनगड़ा और खम्हण गये. […]

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अधिकारियों के दौरे से उजागर हुई खम्हण गांव की सच्चाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भी योजना इस गांव में नहीं पहुंची है
किस्को/लोहरदगा : प्रभात खबर में 16 जुलाई को नाबालिग बच्चों द्वारा परिवार चलाने की खबर छपने के बाद पहली बार प्रखंड प्रशासन जागा. प्रखंड के अधिकारी और जनप्रतिनिधि रनगड़ा और खम्हण गये. वहां पहुंचने पर प्रशासन को धरातल की सच्चाई नजर आयी. इस गांव में विकास का कोई भी काम नहीं हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक भी योजना इस गांव में नहीं पहुंची है. चाहे शौचालय हो, रसोई गैस कनेक्शन हो, प्रधानमंत्री आवास हो या फिर विद्युतीकरण हो कोई भी योजना जमीन पर नजर नहीं आयी.
खुद विकास का दावा ठोंकने वाले अधिकारी ग्रामीणों के सवालों पर बगले झांकने लगे. बीडीओ आश्वासन देकर और जागरूकता का पाठ पढ़ा कर ग्रामीणो को समझाने का प्रयास किये. सड़क खराब होने के कारण प्रशासन को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, मुसीबतों के बीच गांव में पहुंच कर जनसमस्याओं का जायजा लिया. जिरमुनिया उरांव के परिवार की समस्याओं से बीडीओ रूबरू हुए और जल्द से जल्द राशन कार्ड बनाने तथा सभी प्रकार का सरकारी सुविधा जल्द से जल्द दिलाने की बात कही.
मौके पर ही राशन कार्ड के लिए आवेदन जमा लिया गया. इसी क्रम में फुलमनी भगताइन, तेतरी देवी तथा मंगरी लोहरा का विधवा पेंशन, जिरमुनिया उरांव,रानी उरांव का राशन कार्ड, बसंती लोहरा, अकल महतो का वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन लिया गया. दोनों गांव में एक भी व्यक्ति को उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन नहीं दिया गया है. जिसे जल्द से जल्द दिलवाने की बात कहीज्यी. मुखिया ने कहा कि सभी लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सेकेंड लिस्ट में भेजा गया है. सूची आते ही आवास का निर्माण कराया जायेगा. ज्ञात हो कि गांव में एक भी व्यक्ति काे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास नहीं मिला है.
गांव में पानी की समस्या को देखते हुए बीडीओ ने कहा कि एसटीएससी क्षेत्र में पीएचडी द्वारा जलमीनार लगाया जायेगा. बिजली के लिए संबंधित विभाग को जानकारी दी जायेगी, गांव में बिजली तो दूर अभी तक पोल-खूंटे भी नहीं गाड़े गये हैं. बीडीओ ने ग्रामीणों के लिए रोजगार उत्पन्न करने को लेकर मनरेगा के तहत डोभा निर्माण तथा खेत समतलीकरण का काम कराने की बात कही. उन्होंने गांव के लोगों की समस्या को सुना. उसके समाधान के लिए सुझाव दिया.
इस क्रम में ग्रामीण शिवराम लोहरा नक पानी की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द डांड़ी की मरम्मत कराने की बात कही. कौवा करिया बांध निर्माण कराने की बात कही गयी. पंचम लोहरा ने मनरेगा के तहत कुआं की मांग की. इस पर बीडीओ ने बरसात के बाद कुआं देने की बात कही. गैस कनेक्शन के मुद्दे पर बीडीओ ने कहा कि गैस कनेक्शन सभी को दिया जायेगा. इसके लिए डीलर के पास आवेदन जमा करें. राशन कार्ड के लिए भी आवेदन जमा करने को कहा गया. गांव में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति शून्य के बराबर है. पढ़ाई करने की उम्र में बच्चे घर के कामों में हाथ बंटाते नजर आते हैं. उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय रनगड़ा का निरीक्षण करने पर पाया गया कि एक बजे ही विद्यालय बंद था.
ग्रामीणों से पूछने पर पता चला कि विद्यालय सिर्फ नाम मात्र का खुलता है. शिक्षक आते हैं और चले जाते हैं. शिक्षा के नाम पर बस खानापूर्ति की जा रही है. वहीं विद्यालय का जायजा लेने पर विद्यालय गोशाला बना हुआ नजर आया. विद्यालय में लोग गाय-बैल बांधते हैं. आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया. आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण सेविका संगीता देवी द्वारा घर पर ही आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जाता है. जो क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद पड़ा था. ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी हफ्ता में एक दिन खोला जाता है.
शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के बावजूद गांव के बच्चों में पढ़ने का जज्बा देखा गया. गांव की रानी कुमारी कक्षा छह में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं मंटी लोहरा ने कक्षा आठ में पढ़ने की इच्छा जतायी. इस पर बीडीओ ने जल्द से जल्द नामांकन कराने का आश्वासन दिया़ मौके पर बीडीओ संदीप भगत, बीइइओ शंकर प्रसाद, कर्मचारी जगन्नाथ उरांव, 20 सूत्री उपाध्यक्ष सुरेश बैठा, पंचायत सेवक रामप्रसाद राम, मुखिया संगीता उरांव, रोजगार सेवक प्रीति कुमारी, दीपक कुमारमौजूद थे.
बदहाल सड़क पर बाइक से गिरे बीडीओ
गांव तक जाने वाली सड़क की स्थिति इतनी बदहाल है कि वहां बड़ी मुश्किल से मोटरसाइकिल पर सवार होकर बीडीओ जा रहे थे. लेकिन उबड़-खाबड़ रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल पलट गयी और बीडीओ गिर गये. उन्हें हल्की चोट भी आयी. लेकिन वहां चिकित्सा सुविधा नाम की कोई चीज नहीं थी. इसलिए बीडीओ को उसी हालत में किस्को लौटना पड़ा.
यहां आज तक कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया
गांव के ग्रामीणो ने बताया कि आज तक कोई जनप्रतिनिधि नही आया है. अधिकारी तो कभी आते ही नही है. वे लोग सही मायने में प्रभू के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं. सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नही है. कोई भी सरकारी योजना उनकी गांव तक नही पहुंची है. न बिजली है, न पानी है, न सडक है, न शिक्षा है, न कोई रोजगार है.
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