बिना मान्यता किया नामांकन

Updated at : 02 Mar 2019 12:36 AM (IST)
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बिना मान्यता किया नामांकन

अब विद्यार्थियों को बिहार के बारून से दिलायेंगे परीक्षा लोहरदगा : शहरी क्षेत्र में स्थित एक विद्यालय में विद्यार्थियों के कैरियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इस विद्यालय को सीबीएसइ से बोर्ड की मान्यता नहीं मिली है इसके बावजूद पैसे की लालच में अभिभावको को अंधेरे में रख कर विद्याथियों का नामांकन कर […]

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अब विद्यार्थियों को बिहार के बारून से दिलायेंगे परीक्षा

लोहरदगा : शहरी क्षेत्र में स्थित एक विद्यालय में विद्यार्थियों के कैरियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इस विद्यालय को सीबीएसइ से बोर्ड की मान्यता नहीं मिली है इसके बावजूद पैसे की लालच में अभिभावको को अंधेरे में रख कर विद्याथियों का नामांकन कर उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर 10वीं बोर्ड की परीक्षा दिलायी जा रही है.
महादेव टोली में स्थित सेन्चूरी फॉर एजूकेशनल नर्चर सेन त्रिवेणी स्कूल को सीबीएसइ बोर्ड की मान्यता नहीं है. इसके बावजूद सेन त्रिवेणी स्कूल ने 25 बच्चों का नामांकन कर लिया है. अब नामांकित विद्यार्थियों को बिहार राज्य के बारून के किसी विद्यालय से 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल कराया जा रहा है.
यह गोरखधंधा पिछले कई वर्षों से जारी है़ इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस फर्जीवाड़े से विद्यार्थियों का कितना नुकसान होगा और अभिभावक कितने परेशान होंगे. अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पूरे परीक्षा भर बिहार के बारून गांव में रहेंगे. मिली जानकारी अनुसार विद्यार्थियों को बगैर मान्यता के अपने विद्यालय में नामांकन कराना कानूनन गलत है. पैसे की लालच में शिक्षा की दुकानदारी चलायी जा रही है. ये पिछले कई वर्षों से इस विद्यालय द्वारा किया जा रहा है.
हर बार अभिभावकों को कहा जाता है कि उनके विद्यालय को सीबीएसइ से मान्यता मिल चुकी है सिर्फ कागज आना बाकी है. फिर परीक्षा के समय अभिभावकों को बताया जाता है कि मामला गड़बड़ा गया. लेकिन आप परेशान न हों हम कहीं न कहीं से परीक्षा दिला देंगे. अभिभावक तब तक फंस चुके होते हैं और उनके पास कोई रास्ता नहीं होता है. अभिभावक परेशान हैं लेकिन अब उनके पास कोई रास्ता नहीं है. बताया जाता है कि 10वीं की परीक्षा के पूर्व प्रैक्टिकल तथा अन्य कोर्स की पढ़ाई आवश्यक होती है. जब मान्यता ही नहीं है तो बच्चे कैसे पढ़ते हैं.
बताया जा रहा है कि जिस विद्यालय से विद्यार्थियों को परीक्षा दिलायी जा रही है. वहां उनका फर्जी नामांकन कराया जाता है और उसी आधार पर उन्हें वहां का नियमित विद्यार्थी बता कर परीक्षा में बैठाया जाता है. वहां से विद्यार्थी परीक्षा पास करेंगे तो उन्हें जो प्रमाण पत्र मिलेगा वो बिहार का होगा.
इसका झारखंड में स्थानीय विद्यार्थियों को मिलनेवाला लाभ उन्हें नहीं मिलेगा. विद्यार्थियों के कैरियर पर प्रश्न चिह्न लग सकता है. नियमत: जब सेन त्रिवेणी को सीबीएसइ बोर्ड की मान्यता नहीं है तो उसे कक्षा आठ के बाद नामांकन नहीं करना चाहिए. लेकिन पैसे के आगे तमाम नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. लोहरदगा में सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त तीन विद्यालय है. इनमें जवाहर नवोदय विद्यालय, ग्रेटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल तथा डीएवी शामिल है. जबकी आइसीएसइ से सिर्फ लिवेंस एकेडमी को मान्यता प्राप्त है.
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