बाघिन की मौत की याद को ताजा करता है पार्क का साइन बोर्ड

Updated at : 18 Feb 2025 8:29 PM (IST)
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बाघिन की मौत की याद को ताजा करता है पार्क का साइन बोर्ड

बेतला नेशनल पार्क के रोड नंबर दो में चतुर बथुआ के पास बाघिन के मृत्यु स्थल पर लिखा बोर्ड देख पर्यटक सिहर जाते हैं.

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बेतला. बेतला नेशनल पार्क के रोड नंबर दो में चतुर बथुआ के पास बाघिन के मृत्यु स्थल पर लिखा बोर्ड देख पर्यटक सिहर जाते हैं. जब पर्यटकों को बताया जाता है कि यह वही स्थान है, जहां एक बाघिन को जंगली बायसन (जंगली भैंसा) के झुंड ने घेरकर मार डाला था, तब लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं. यह स्थल बाघिन की बायसन के साथ हुई मुठभेड़ की याद को ताजा कर देता है. हालांकि बूढ़ी होने के कारण बाघिन अपना बचाव नहीं कर सकी थी. 10-20 की संख्या में मौजूद बायसन की झुंड ने उस पर हमला किया था. यह घटना 15 फरवरी 2020 की थी. रात्रि पेट्रोलिंग के क्रम में वनकर्मियों ने शव को सड़क के किनारे पड़ा देखा था. इसके बाद विभागीय पदाधिकारी रेस हो गये थे. बाघिन की मौत पर सवाल भी उठे थे. तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर वाके दास ने उक्त स्थल पर स्मारक बनाने की बात कही थी. लेकिन, अब तक स्मारक नहीं बना. यहां सिर्फ बोर्ड लगाया गया है. पर्यटकों को गाइड बाघिन की मौत की कहानी सुनाते हैं. बेतला नेशनल पार्क घूमनेवाले पर्यटकों को भले ही बाघ नहीं दिखायी देता है, लेकिन कहानी सुनने को जरूर मिलती है.

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