नेतरहाट टनल रोड प्रोजेक्ट: विभाग को नहीं मिला कोई 'योग्य' कंसल्टेंट, अब नए सिरे से शुरू हुई विशेषज्ञों की तलाश!

Published by :Sameer Oraon
Published at :02 May 2026 9:01 PM (IST)
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Netarhat Tunnel Project

नेतरहाट टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए नहीं मिला योग्य कंसल्टेंट, Symbolic Pic Credit- AI

Netarhat Tunnel Project: पथ निर्माण विभाग को नेतरहाट के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रस्तावित टनल रोड के निर्माण के लिए अब तक कोई योग्य कंसल्टेंट नहीं मिल सका है. विभाग ने मार्च में प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन सफलता न मिलने पर अब दोबारा इच्छुक कंसल्टेंट से आवेदन मांगे गए हैं. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत घाघरा से नेतरहाट तक की सड़क को फोरलेन टूरिस्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना है, जिससे संकीर्ण रास्तों और दुर्घटनाओं से निजात मिल सकेगी.

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Netarhat Tunnel Project, लातेहार (मनोज लाल की रिपोर्ट): झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट की पहाड़ियों में प्रस्तावित टनल रोड परियोजना को लेकर पथ निर्माण विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. टनल निर्माण के लिए विभाग को अब तक कोई योग्य कंसल्टेंट नहीं मिल पाया है, जिसके कारण अब नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की गई है.

दोबारा मांगे गए आवेदन

विभाग ने इस परियोजना के लिए मार्च माह में ही कंसल्टेंट की तलाश शुरू की थी, लेकिन वांछित योग्यता रखने वाले विशेषज्ञ सामने नहीं आए. इसे देखते हुए विभाग ने फिर से आवेदन मांगे हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 8 मई को प्री-बिड मीटिंग होगी और इच्छुक कंसल्टेंट 19 मई तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे. इसके बाद 20 मई को बिड खोली जाएगी और योग्य कंसल्टेंट का चयन सुनिश्चित किया जाएगा.

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हादसों पर लगेगी लगाम, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पथ निर्माण विभाग की योजना घाघरा से नेतरहाट तक की सड़क को एक आधुनिक ‘टूरिस्ट कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने की है. इस पूरी सड़क को डिवाइडर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा. वर्तमान में, नेतरहाट की संकीर्ण पहाड़ी सड़कों पर बॉक्साइट लदे ट्रकों और पर्यटकों के वाहनों के कारण अक्सर गंभीर दुर्घटनाएं होती रहती हैं. कई बार गाड़ियां गहरी खाई में गिर चुकी हैं. टनल रोड के निर्माण से इन खतरों को समाप्त किया जा सकेगा और पर्यटकों को एक विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा.

सुरक्षित होगा सफर

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना है. वर्तमान संकीर्ण मोड़ों के बजाय टनल के माध्यम से वाहन सीधे और सुरक्षित तरीके से निकल सकेंगे, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी नए पंख लगेंगे.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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