पर्यटन स्थलों में मंडल डैम की अपनी अलग पहचान है

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लामू प्रमंडल के पर्यटन स्थलों में मंडल डैम की अपनी अलग पहचान है

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तसवीर-18 लेट-4 मंडल डैम का नजारा संतोष कुमार. बेतला. पलामू प्रमंडल के पर्यटन स्थलों में मंडल डैम की अपनी अलग पहचान है. घने जंगल और पहाड़ों के भौगोलिक संरचनाओं के बीच मंडल डैम की खूबसूरती देखते ही बनती है. यहां आने के बाद आज आसपास का जो दृश्य दिखाई देता है वह किसी के लिए भी काफी यादगार हो जाता है. पर्यटकों ने तो इसे कश्मीर की घाटी की तरह तुलना कर दिया है. लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के मंडल गांव में यह डैम स्थित है, इसलिए मंडल डैम से चर्चित है. यहां आने के बाद बहुत कुछ सीखने का अवसर भी मिल जाता है. डैम के ऊपरी हिस्से पर चढ़ने के बाद आसपास का जो दृश्य दिखाई देता है वह काफी रोमांचक है. मंडल डैम पलामू प्रमंडल के लाइफ लाइन माने जाने वाली कोयल नदी के बहते पानी को रोकने का प्रयास किया गया है. इसका कारण यह रहा होगा कि दो पहाड़ियों के बीच से संकीर्ण मार्ग से कोयल नदी गुजरती है यहां पर गारू की ओर से आ रही कोयल नदी जो पूरब से पश्चिम की ओर बह रही होती है वह यहां पर करीब-करीब 90 डिग्री का कोण बनाते हुए उत्तर दिशा की ओर बहने लगती है. यह स्थल पिकनिक स्पॉट के रूप में काफी चर्चित है. साल के आखिरी दिनों व नव वर्ष के स्वागत में हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. एकीकृत बिहार में हुआ था मंडल डैम का निर्माण कार्य शुरू: जिस समय पलामू टाइगर रिजर्व की स्थापना हुई उसी समय 1973-74 में ही अति महत्वाकांक्षी उत्तर कोयल जल विद्युत परियोजना जिसे मंडल डैम का नाम देकर उसकी नींव रखी गयी थी. एकीकृत बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के द्वारा यह परियोजना शुरू की गयी थी. उत्तर कोयल परियोजना के तहत एकीकृत बिहार में 1972 में करीब 30 करोड रुपये की लागत से इस डैम का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. मंडल डैम बहुद्देशीय परियोजना है जिसका उद्देश्य सिंचाई के साथ पनबिजली उत्पादन का है. इसके लिए 80 प्रतिशत कार्य लगभग पूर्ण हो गया था. केंद्र सरकार द्वारा 1993 ई में इस परियोजना पर रोक लगा दी गयी. फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच जनवरी 2019 को इस डैम के निर्माण के लिए शिलान्यास किया है. मंडल डैम की लंबाई 408 मीटर और ऊंचाई 67.80 मीटर है सावधान रहने की है जरूरत: मंडल डैम को देखना जितना रोचक है उतना खतरनाक भी है. जहां पर गेट बनाया गया है वहां सावधानी रखने की जरूरत होती है. खासकर बच्चों व महिलाओं को यदि अपने साथ ले गये हो तो आपको पूरी सावधानी रखनी होगी. वही इस के निचले हिस्से को देखने के लिए भी काफी सावधानी के साथ उतरना होता है. कैसे पहुंचे मंडल डैम: मंडल डैम प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर से 60 किलोमीटर दूर है. वहीं लातेहार से इसकी दूरी 115 किलोमीटर, बेतला से 45 किलोमीटर व बरवाडीह से 30 किलोमीटर की दूरी है.

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