Latehar Bus Accident: लातेहार के महुआडांड़ में बड़ा बस हादसा, 9 लोगों की मौत, 82 घायल


Latehar Bus Accident: झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ में बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहां ब्रेक फेल होने से एक बस पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं. बस में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और इसे अवैध रूप से निजी कार्यक्रम में इस्तेमाल किया जा रहा था. प्राथमिक उपचार के बाद कई घायलों को रांची, गुमला और लातेहार रेफर किया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़ें.
Latehar Bus Accident: झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सस्ता ओरसा घाटी में रविवार दोपहर करीब तीन बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. ब्रेक फेल होने के कारण एक निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 82 से अधिक यात्री घायल हो गए. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और पूरा इलाका मातम में डूब गया.
ब्रेक फेल होते ही घाटी में पलटी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सस्ता ओरसा घाटी से गुजर रही थी, तभी अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए. तेज ढलान पर बस चालक नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क किनारे पलट गई. बस में सवार यात्री एक-दूसरे पर गिर पड़े। कई लोग बस के नीचे दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया.
मौके पर पांच की मौत, चार ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल चार लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतकों में पिपरशकोट गांव निवासी रेशांती देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोहामती देवी (45), सुखवा भुइयां (40) और विजय बसंत (32) शामिल हैं. ये सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं.
छेका कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे यात्री
बस में सवार सभी यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के महाराजगंज गांव से महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे. वहां राकेश सोनवानी के घर लड़के का “छेका” (शादी से पहले की रस्म) कार्यक्रम आयोजित था. बस में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवक बड़ी संख्या में सवार थे. उत्सव में शामिल होने निकले लोगों की यह यात्रा मौत का सफर बन गई.
क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री थे सवार
दुर्घटनाग्रस्त बस स्कूल बस थी. इसमें बैठने की क्षमता 52 यात्रियों की थी, लेकिन उसमें 90 से अधिक लोग सवार थे. ओवरलोडिंग के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और ब्रेक फेल होने पर हादसा और भी भयावह हो गया. बस का नंबर सीजी 15 एबी 0563 बताया गया है. यह ज्ञान गंगा हाई स्कूल के नाम पर रजिस्टर्ड है.
घायलों को कई अस्पतालों में किया गया रेफर
हादसे के बाद स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया. पहले उन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और आशा कामलेल अस्पताल भेजा गया. प्राथमिक उपचार के बाद 52 से अधिक घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची, लातेहार और गुमला रेफर किया गया. कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ विपिन कुमार दुबे और एसडीपीओ शिवपूजन उरांव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
चार थाना क्षेत्रों से गुजरी बस, नहीं हुई कोई जांच
चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यह बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, कुसमी, सामरी और झारखंड के महुआडांड़ थाना क्षेत्र से होकर करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी, लेकिन किसी भी थाना क्षेत्र में न तो बस को रोका गया और न ही उसकी जांच की गई. सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे सफर के दौरान पुलिस की निगरानी व्यवस्था आखिर कर क्या रही थी.
कानून का खुला उल्लंघन
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत स्कूल बसों का इस्तेमाल केवल छात्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए किया जा सकता है. इसके बावजूद इस बस का इस्तेमाल निजी कार्यक्रम में लोगों को ले जाने के लिए किया गया. यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का भी अपमान है.
ओवरलोडिंग और बिना वैध परमिट बना हादसे की वजह
अधिनियम की धारा 66 के अनुसार, वाहन का इस्तेमाल केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, जिसके लिए परमिट जारी हुआ हो. वहीं, धारा 113 और 194ए के तहत ओवरलोडिंग दंडनीय अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने का प्रावधान है. इसके अलावा, धारा 192ए के तहत बिना वैध परमिट या शर्तों के उल्लंघन पर वाहन जब्ती और सजा दोनों का प्रावधान है. बावजूद इसके यह बस नियमों को ताख पर रखकर चार थाना क्षेत्रों से गुजरती रही.
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जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि बस को निजी इस्तेमाल में किसके आदेश पर लगाया गया? ब्रेक फेल होने की स्थिति क्यों बनी? चार थाना क्षेत्रों में जांच क्यों नहीं हुई? माना जा रहा है कि जांच के बाद परिवहन विभाग और संबंधित थाना क्षेत्रों की भूमिका भी कटघरे में होगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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