Latehar: हक के लिए अफसरों से आर-पार की लड़ाई लड़ेगा वन श्रमिक यूनियन, 19 मई से आंदोलन तेज

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 17 May 2026 8:16 PM

विज्ञापन

झारखंड वन श्रमिक यूनियन की बैठक में मौजूद कर्मी.

Latehar: लातेहार में वन श्रमिक यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर 19 मई से आंदोलन तेज करने की घोषणा की है. यूनियन ने अधिकारियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

विज्ञापन

चंद्र प्रकाश सिंह
Latehar (बेतला): झारखंड वन श्रमिक यूनियन कार्यकारिणी की बैठक रविवार को बेतला में हुई, जिसकी अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धिनाथ झा ने की. बैठक में वन अधिकारियों के रवैये पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के खिलाफ 19 मई से क्षेत्र निदेशक कार्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया. यूनियन के अध्यक्ष सिद्धिनाथ झा ने कहा कि पीटीआर प्रशासन के संदिग्ध कार्यकलापों के कारण वर्तमान में 350 से अधिक वन श्रमिक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं.

अधिकारियों पर राशि गबन का आरोप

उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा मजदूरों की मजदूरी, खाद्यान्न भत्ता और एरियर की राशि का बड़े पैमाने पर गबन किया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्य स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों से मिलकर पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की मनमानी और अन्याय के खिलाफ मांग पत्र सौंपेगा. यदि इस पर जल्द ही कोई उच्च स्तरीय कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन आर-पार का दीर्घकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी.

बुनियादी अधिकारों से किया जा रहा वंचित

बैठक में अन्य वक्ताओं ने कहा कि पीटीआर में ग्राउंड लेवल पर दिन-रात मेहनत करके ये वन श्रमिक ही मुख्य भूमिका निभाते हैं. इन्हीं मजदूरों की बदौलत आज पलामू टाइगर रिजर्व का जंगल और वन्यजीव पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसके बावजूद, इन अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को ही बुनियादी अधिकारों से वंचित कर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है.

यूनियन ने लगाये भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

बैठक के दौरान वन श्रमिकों के शोषण और वित्तीय अनियमितताओं के मुख्य बिंदुओं को उठाया गया. कहा गया कि पीटीआर के 100 कुशल मजदूरों के बकाया एरियर की राशि का गबन किया गया है. कुशल श्रेणी के मजदूरों को अकुशल मजदूर मानकर भुगतान किया गया और शेष राशि हड़प ली गयी. वन श्रमिकों को मिलने वाले लगभग 11,000 रुपये के खाद्यान्न भत्ते की जगह कुछ चुनिंदा लोगों को मात्र 2,000 से 5,000 रुपये देकर बाकी रकम का गबन कर लिया गया.

बिना वजह की जा रही छंटनी

यह भी बताया गया कि बिना किसी ठोस कारण के लगातार वन श्रमिकों की छंटनी की जा रही है. वहीं, गारू पूर्वी के ट्रैकर लल्लू उरांव की करंट लगने से हुई दुर्घटना को दबाने के लिए अधिकारियों द्वारा इसे पेड़ से गिरने का मामला बताया जा रहा है. यूनियन ने इन सभी मामलों की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है. बैठक में अबुल हसन ,फैज आलम, अशोक सिंह, मोमिन अंसारी, श्रीकांत मिश्रा, बलराम यादव, मनोज पासवान, बेनेदिक लकड़ा, लालजीत उरांव, सुशील उरांव, सुधीर तिवारी, मुकुट स्टीफन तिर्की, सुरेंद्र मेहता सहित बड़ी संख्या में वन श्रमिक और यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे.

ये भी पढ़ें…

Palamu: प्रेम प्रसंग से नाराज मौसा ने की थी पवन की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Dhanbad: प्रेमी को छुड़ाने के लिए टावर पर चढ़ी प्रेमिका, हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा

विज्ञापन
AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola