किसानों की जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू

Updated at : 17 Feb 2025 8:55 PM (IST)
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किसानों की जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू

कामता पंचायत के चटुआग गांव किसानों ने सोमवार को गांव में मुलभूत सुविधा बहाल करने व खेती की समस्याओं को दूर करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन जमीन समाधि सत्याग्रह की शुरुआत की.

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चंदवा. कामता पंचायत के चटुआग गांव किसानों ने सोमवार को गांव में मुलभूत सुविधा बहाल करने व खेती की समस्याओं को दूर करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन जमीन समाधि सत्याग्रह की शुरुआत की. ज्ञात हो कि इस गांव को पूर्व सांसद सुनील कुमार सिंह ने गोद लिया था. सोमवार की सुबह खुले आसमान के नीचे करीब दो फीट गहरे खोदे गये समाधि (क्रब) में लेट किसानों ने सत्याग्रह की शुरुआत की. इसका नेतृत्व कामता पंचायत समिति सदस्य अयूब खान कर रहे थे. श्री खान समेत अन्य किसानों ने बताया कि चटुआग गांव के पहनापानी, हठुला, परहियाटोला, कारी टोंगरी, ठुठी डुमर, लोहराई, ननफुलिया, पुरनपनियां, लोथराबर, सनेबोथवा, भेलवाही, बगडेगवा, जहाजीपीपर, चरका पत्थलटांड़, ढ़ोलोबर समेत अन्य टोलों में आज भी पहुंच पथ नहीं है. बीमार या गर्भवती को अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मंगाया जा सकता है. टोलों में शुद्ध पेयजल नहीं है. सिंचाई की भी सुविधा नहीं है. हाल सर्वे खतियान में त्रुटि के कारण कई भूमि में विवाद है. इस कारण ऑनलाइन लगान रसीद नहीं कट रही है. सड़क के अभाव में सब्जी व फसल को बाजार तक लाना चुनौती है. किसानों ने कहा कि इन्हीं सभी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए हम जमीन समाधि सत्याग्रह कर रहे हैं. गांव की महिलाएं भी सत्याग्रह में बैठी थीं. सोमवार को सुबह दस बजे से दोपहर ढाई बजे तक सत्याग्रह चला. जमीन समाधि सत्याग्रह में किसान सनिका मुंडा, जीदन टोपनो, कमल गंझू, लेचा गंझू, बुधराम बारला, बोने मुंडा, बैला मुंडा, माइकल हंस, दिलू गंझू, नेमा परहिया, जीवन सांगा, अमृत सांगा, महादेव मुंडा, सावन हेरेंज, जोहन टोपनो, बेने टोपनो, परमेश्वर गंझू, पूनम देवी, मरसा मुड़ाइन, सोहराई नगेशिया, सुरेश गंझू समेत अन्य लोग मौजूद थे. वर्ष 2017-18 में सांसद ने गांव को लिया था गोद

चतरा लोकसभा सीट के पूर्व सांसद सुनील कुमार सिंह ने वर्ष 2017-18 को सांसद आदर्श ग्राम के रूप में अजजा बहुल चटुआग गांव का चयन किया था. योजना के अनुसार वर्ष 2019 तक इस गांव में सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल करनी थी. स्थानीय लोगों को लगा था कि गांव की तकदीर व तस्वीर दोनों बदलेगी, लेकिन पिछले छह वर्ष मेंं चटुआग गांव तक पहुंच पथ भी नहीं बन पाया. पंसस अयुब खान ने कहा कि सांसद यदि गांव को गोद नहीं लेते, तो प्रखंड की ओर से कई योजनाएं चलायी जाती.

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