औरंगा और कोयल नदी सूखने की कगार पर

भीषण गर्मी, घटता जलस्तर और अवैध बालू उठाव से बिगड़ी स्थिति
भीषण गर्मी, घटता जलस्तर और अवैध बालू उठाव से बिगड़ी स्थिति
बेतला. लातेहार जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली औरंगा और कोयल नदी भीषण गर्मी और लगातार गिरते जलस्तर के कारण सूखने की कगार पर पहुंच गयी हैं. दोनों नदियों की यह स्थिति स्थानीय आबादी के लिए गंभीर जल संकट का संकेत बन गयी है. नदी किनारे बसे गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं. इलाके का तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे वाष्पीकरण की दर तेज हो गयी है. नदियों में पानी की जगह अब बालू नजर आने लगे है. इसका असर आसपास के जलस्रोतों पर भी पड़ा है. कुएं और चापाकलों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में त्राहिमाम की स्थिति बन गयी है. पानी की कमी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पालतू और जंगली जानवरों पर भी पड़ रहा है. जल के अभाव में उनके सामने भी जीवन का संकट खड़ा हो गया है. विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति के पीछे सिर्फ प्राकृतिक कारण ही नहीं, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप भी जिम्मेदार है. नदी किनारों पर अनियंत्रित विकास कार्य और बालू का अत्यधिक उठाव इसके प्रमुख कारण हैं. बालू खनन से नदियों की जल संचयन क्षमता लगातार घट रही है. बालू की परतें पतली होने और वनस्पति की कमी से जमीन में पानी सोखने की क्षमता भी कम हो गयी है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है.
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