झारखंड के 40% कैंसर मरीज इलाज के लिए ‘परदेश’ जाने को मजबूर, जमशेदपुर में डॉ. अभय ने आंकड़ों पर जताई चिंता

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झारखंड में बढ़ रहे कैंसर मरीज

Cancer Cases Jharkhand 2026: झारखंड में बढ़ते कैंसर के मामलों और इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता को लेकर जमशेदपुर में विशेष चर्चा हुई. डॉ. अभय कुमार ने बताया कि देश में हर साल 14 लाख नए मामले आ रहे हैं. देखिए, कैसे आधुनिक रोबोटिक सर्जरी और समय पर जांच से इस जानलेवा बीमारी को मात दी जा सकती है.

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Cancer Cases Jharkhand 2026, जमशेदपुर (चंद्रशेखर की रिपोर्ट): झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों और राज्य में सीमित चिकित्सा संसाधनों के कारण मरीजों का दूसरे बड़े शहरों की ओर पलायन एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है. शनिवार को जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान, मणिपाल हॉस्पिटल (ईएम बायपास, कोलकाता) के यूरो-ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अभय कुमार ने बताया कि राज्य के हर 10 कैंसर मरीजों में से औसतन 3 से 4 मरीज इलाज के लिए बाहर जाते हैं. इस विवशता के कारण पीड़ित परिवारों पर न केवल मानसिक दबाव बढ़ता है, बल्कि उन्हें लाखों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है, जिसे स्थानीय स्तर पर आधुनिक सुविधाएं विकसित कर कम किया जा सकता है.

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60 प्रतिशत मामलों की पहचान ‘एडवांस स्टेज’ में होना घातक

डॉ. कुमार ने राष्ट्रीय स्तर के डरावने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि भारत में हर साल 14 लाख से अधिक नए कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनमें पूर्वी राज्यों की भागीदारी चिंताजनक रूप से अधिक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर के विरुद्ध लड़ाई में सबसे बड़ी बाधा ‘देर से पहचान’ (Late Detection) है. देश में लगभग 60 प्रतिशत से अधिक मामलों का पता तब चलता है, जब बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है. विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों में जागरूकता के अभाव शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति उदासीनता के कारण स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है.

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आधुनिक रोबोटिक सर्जरी से बढ़ी उम्मीदें

झारखंड में वर्तमान में मुंह, फेफड़े, स्तन, सर्वाइकल और जेनिटोयूरिनरी कैंसर के मामलों में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है. डॉ. अभय कुमार ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से कैंसर का सटीक और कम दर्दनाक इलाज संभव है. रोबोटिक सर्जरी के उपयोग से मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है और उन्हें अस्पताल में कम समय बिताना पड़ता है. उन्होंने घोषणा की कि मणिपाल हॉस्पिटल ने जमशेदपुर में ‘अन्वेषणा–मेडिकल एजुकेशन फॉर मीडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत की है, ताकि सही जानकारी जन-जन तक पहुंचे. साथ ही उन्होंने पत्रकारों के लिए कैंसर के इलाज में 25 प्रतिशत की विशेष छूट देने का भी ऐलान किया.

अनुभवों ने जगाई जीत की आस

इस विशेष कार्यक्रम में कई ऐसे मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्होंने नई तकनीकों और समय पर सही डॉक्टरी सलाह से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को सफलतापूर्वक मात दी है. मरीजों ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के बाद उनका जीवन पुनः सामान्य हो सका है और दर्द की तीव्रता भी बेहद कम रही. डॉ. कुमार के अनुसार, अब कोलकाता स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में 20 से अधिक विशेषज्ञ ऑन्कोलॉजिस्ट की टीम उपलब्ध है, जो जमशेदपुर और आसपास के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज प्रदान कर रही है. इससे मरीजों को मुंबई या दिल्ली जैसे दूरस्थ शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत सुनिश्चित हो सकेगी.

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