गढ़वा में अवैध बूचड़खानों पर चला प्रशासन का 'बुलडोजर'! जेसीबी से ध्वस्त हुआ गोकशी का अड्डा
Published by : Sameer Oraon Updated At : 04 Apr 2026 10:16 PM
गढ़वा में कार्रवाई के दौरान एसडीएम
Garhwa Illegal Slaughterhouse Raid: गढ़वा शहर के उंचरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में जेसीबी से अवैध ढांचों को ढहा दिया गया और प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष बरामद किए गए. पढ़ें, कैसे प्रशासन ने गोकशी के नेटवर्क को ध्वस्त कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.
Garhwa Illegal Slaughterhouse Raid, गढ़वा (अविनाश की रिपोर्ट): गढ़वा शहर के उंचरी क्षेत्र में संचालित अवैध बूचड़खानों और गोकशी की गतिविधियों के विरुद्ध, जिला प्रशासन ने शनिवार को एक अत्यंत आक्रामक और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है. एसडीएम संजय कुमार और एसडीपीओ नीरज कुमार के संयुक्त नेतृत्व में, भारी पुलिस बल के साथ इस सघन छापेमारी अभियान का संचालन किया गया. प्रशासन की टीम ने क्षेत्र की अत्यंत संकीर्ण और तंग गलियों में पहुंचकर संदिग्ध ठिकानों की गहन जांच की, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त असामाजिक तत्वों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. उपायुक्त को प्राप्त अत्यंत गोपनीय सूचनाओं के आधार पर इस पूरी रणनीति को गुप्त रूप से तैयार किया गया था, ताकि अपराधियों को भागने का अवसर न मिल सके.
जेसीबी से ढहाया गया अवैध ढांचा, बरामद हुए साक्ष्य
छापेमारी के दौरान रेल लाइन के समीप एक टिन शेड में संचालित हो रहे विशाल अवैध बूचड़खाने को चिन्हित किया गया, जिसे प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. घटना स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष, चमड़ा और महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में बारकोड युक्त टैग भी बरामद किए हैं. इन सामग्रियों की बरामदगी से यह पूर्णतः स्पष्ट हो गया है कि उक्त स्थान पर लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध गोकशी और मांस का व्यापार किया जा रहा था. बरामद टैगों के माध्यम से अब उन स्रोतों का पता लगाया जा रहा है, जहां से इन पशुओं को लाया गया था.
झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई
प्रशासन ने इस संगीन मामले को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग और नगर परिषद को कड़े निर्देश जारी किए हैं. एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित भू-स्वामियों और बूचड़खाना संचालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध ‘झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2005’ की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जांच की आंच उन सफेदपोशों तक भी पहुंचे, जो इस अवैध धंधे को संरक्षण प्रदान कर रहे थे.
अभियान की निरंतरता और सख्त चेतावनी
कार्रवाई के उपरांत अधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए साफ कर दिया कि जिले में कानून के विरुद्ध चलने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसडीएम संजय कुमार ने चेतावनी दी है कि अवैध बूचड़खानों और गोकशी के खिलाफ यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस प्रकार के अपराधों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य संदिग्ध इलाकों में भी हड़कंप मचा हुआ है.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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