राजस्व कर्मचारी ने पत्नी के खाते में डलवायी घूस की राशि

Updated at : 01 Mar 2017 8:25 AM (IST)
विज्ञापन
राजस्व कर्मचारी ने पत्नी के खाते में डलवायी घूस की राशि

सुनील कुमार लातेहार : टोरी-शिवपुर रेलवे लाइन निर्माण के लिए भू-अर्जन में बड़े पैमाने पर फरजी कागजातों के सहारे मुआवजा प्रस्ताव तैयार कराने का मामला उजागर हुआ है. मुआवजा राशि देने के नाम पर भोले भाले रैयतों से राजस्व कर्मचारियों व पदाधिकारियों ने लाखों रुपये की ठगी कर ली है. बालूमाथ अंचल के 12 नंबर […]

विज्ञापन
सुनील कुमार
लातेहार : टोरी-शिवपुर रेलवे लाइन निर्माण के लिए भू-अर्जन में बड़े पैमाने पर फरजी कागजातों के सहारे मुआवजा प्रस्ताव तैयार कराने का मामला उजागर हुआ है. मुआवजा राशि देने के नाम पर भोले भाले रैयतों से राजस्व कर्मचारियों व पदाधिकारियों ने लाखों रुपये की ठगी कर ली है.
बालूमाथ अंचल के 12 नंबर हल्का में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार महली ने तो वरीय पदाधिकारियों के नाम पर बसिया निवासी रैयत भरहुल गंझू के एसबीआइ की भैसादोन शाखा में धारित खाता नंबर 35711368831 में भू-अर्जन की मुआवजा राशि 60 लाख रुपये मई 2016 में जमा कराया. इसके बाद उसने अपनी पत्नी वीणा देवी के भारतीय स्टेट बैंक मूरी शाखा में धारित खाता संख्या 11425559919 में 20 मई 2016 को पांच लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करा लिये. रैयत भरहुल मांझी को जब मुआवजा राशि 60 लाख की जगह 55 लाख मिले तो उसने इसकी शिकायत बालूमाथ के उपप्रमुख संजीव कुमार सिन्हा से की. इसके बाद मामला उजागर हुआ.
कई रैयतों ने अवैध वसूली की शिकायत की : कई और रैयतों ने भी मुआवजा राशि के एवज में रिश्वत देने की शिकायत की है. रैयत ललकू गंझू से 50 हजार रुपये, क्यूम गंझू से 50 हजार रुपये, शांति मसोमात से 40 हजार रुपये, लीलू मसोमात से 1.50 लाख रुपये, लालजी गंझू से 45 हजार रुपये, नटवर गंझू से दो लाख रुपये, लोधर गंझू से 2.5 लाख रुपये तथा सोहर गंझू से 25 हजार रुपये अवैध वसूली राजस्व कर्मचारी ने की
सीओ ने कर्मचारी से मिलने को कहा : रैयतों ने कहा कि भू अर्जन विभाग से जब उन्हें नोटिस मिली तो वे अंचल कार्यालय गये तथा तत्कालीन सीओ धीरज ठाकुर से मिले. सीओ ठाकुर ने उन्हें कर्मचारी श्री महली से मिलने को कहा. जब मुआवजा राशि का भुगतान हुआ, तो कर्मचारी ने उन लोगों से उक्त रुपये ले लिये. श्री ठाकुर वर्तमान में अंचलाधिकारी गिरिडीह के पद पर पदस्थापित हैं.
बेची गयी भूमि की पुन: जमा बंदी करके मुआवजा दिलाया : बेची गयी भूमि की पुन: जमाबंदी करके मुआवजा दिलाने का भी मामला प्रकाश में आया है. भैसादोन ग्राम निवासी फूलदेव यादव ने 9.09.1986 को जगनू गंझू से एक एकड़ जमीन खरीदी. उसकी जमीन भी टोरी-शिवपुर रेल लाइन में चली गयी.
जब उसे भू अर्जन विभाग की ओर से नोटिस मिली तो वह जमीन का कागजात लेकर बालूमाथ अंचल कार्यालय गया. पहली किस्त में उसे बतौर मुआवजा 37 हजार रुपये (वर्ष 2008-09) मिले. जब उसने अधिक मुआवजे की अपील की, तो अचंल कार्यालय से जांच हेतु प्रस्ताव जिला भू अर्जन पदाधिकारी को भेजा गया. उक्त जांच में राजस्व कर्मचारी श्री महली ने 50 हजार रुपये की मांग की . जब उन्होंने घूस देने से इंकार किया तो पूर्व के सीएस खतियान रैयत (विक्रेता) जगन गंझू के उत्तराधिकारियों रमेश गंझू, मोहन गंझू, होरिल गंझू तथा हलेंद्र गंझू के नाम आरएस खतियान में जमाबंदी खोल कर भू अर्जन का द्वितीय अपील की मुआवजा का भुगतान पूर्व विक्रेताओं को ही करा दिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola