यूरिया की बिक्री में गड़बड़ी पाये जाने पर कोडरमा के 5 खाद दुकानों का लाइसेंस सस्पेंड, दुकानदारों से मांगा स्पष्टीकरण

Updated at : 02 Sep 2020 10:15 PM (IST)
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यूरिया की बिक्री में गड़बड़ी पाये जाने पर कोडरमा के 5 खाद दुकानों का लाइसेंस सस्पेंड, दुकानदारों से मांगा स्पष्टीकरण

Jharkhand news, Koderma news : किसानों को सब्सिडी दर पर दिये जाने वाली यूरिया खाद की बिक्री में गड़बड़ी पाये जाने पर जिले में संचालित उर्वरक की 5 दुकानों का लाइसेंस निलंबित (suspend) कर दिया गया है. यही नहीं, इन सभी दुकान संचालकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. यह कार्रवाई डीसी रमेश घोलप के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी सुरेश तिर्की ने की है. जिन दुकानों का लाइसेंस निलंबित हुआ है उसमें झुमरीतिलैया के 3 और डोमचांच के 2 प्रतिष्ठान शामिल हैं.

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Jharkhand news, Koderma news : कोडरमा : किसानों को सब्सिडी दर पर दिये जाने वाली यूरिया खाद की बिक्री में गड़बड़ी पाये जाने पर जिले में संचालित उर्वरक की 5 दुकानों का लाइसेंस निलंबित (suspend) कर दिया गया है. यही नहीं, इन सभी दुकान संचालकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. यह कार्रवाई डीसी रमेश घोलप के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी सुरेश तिर्की ने की है. जिन दुकानों का लाइसेंस निलंबित हुआ है उसमें झुमरीतिलैया के 3 और डोमचांच के 2 प्रतिष्ठान शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार, खेती-बारी के सीजन में किसानों को सब्सिडी दर पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर सरकार एवं जिला प्रशासन प्रयासरत है, पर होलसेल दुकानदारों तथा अन्य की मिलीभगत से लगातार यूरिया की कालाबाजारी की शिकायत जिला से लेकर राज्य स्तर तक पहुंच रही थी. ऐसे में डीसी ने जांच को लेकर 2 अलग-अलग टीम का गठन किया था.

एसडीओ विजय वर्मा एवं डीआरडीए निदेशक नेलसन एयोन बागे के नेतृत्व में टीम ने गत 19 अगस्त को झुमरीतिलैया तथा डोमचांच की विभिन्न दुकानों की जांच की गयी थी. जांच के क्रम में यूरिया की बिक्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत मिले थे. जानकारी सामने आयी थी कि खाद विक्रेताओं ने 1-1 किसान को 25-25 क्विंटल तक खाद बेच दी है. इतनी खाद की खपत एक किसान कैसे कर सकता है.

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यही नहीं, खाद खरीदने वाले किसानों के संबंध में पूरी जानकारी भी दुकान संचालकों के पास नहीं थी. ऐसे में जांच टीम ने मामले को गंभीरता से लिया था. हालांकि, उस समय दुकानदारों ने कोरोना का हवाला देते हुए पूरी जानकारी नहीं लेने का हवाला दिया था. पदाधिकारियों को बताया गया था कि कोरोना के कारण भीड़ से बचने के लिए खाद की बिक्री में बायोमैट्रिक मशीन का प्रयोग नियमानुसार नहीं किया जा सका.

नियमानुसार खाद की खरीदारी करने करने वाले किसानों के संबंध में पूरी जानकारी, मोबाइल नंबर लेना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. जांच के दौरान यह बात भी सामने आयी थी कि एक-एक किसान को 3.5 मीट्रिक टन, 2.51 मीट्रिक टन, 2.1 मीट्रिक टन तक खाद बेची गयी है. जिन किसानों ने ज्यादा मात्रा में खाद लिया है उसका पता होना जरूरी था, लेकिन विक्रेताओं द्वारा रजिस्टर मेंटेन नहीं किया गया था.

दोनों टीमों की जांच के बाद संयुक्त जांच प्रतिवेदन डीसी को सौंपी गयी थी. रिपोर्ट के आधार पर डीसी ने चिह्नित दुकानों पर कार्रवाई का निर्देश कृषि पदाधिकारी को दिया था. इसके बाद कृषि पदाधिकारी ने लाइसेंस निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग विक्रेताओं के द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी की विस्तृत जांच भी करेगा.

इनका दुकानदारों का लाइसेंस हुआ निलंबित

– मेसर्स आईएफडीसी किसान सेवा केंद्र, झुमरीतिलैया
– मेसर्स शंकर ट्रेडर्स, झुमरीतिलैया कोडरमा
– मेसर्स न्यू किसान चारा केंद्र, झुमरीतिलैया
– बाबा बैजनाथ जीएसएस लिमिटेड डोमचांच
– मेसर्स कुणाल खाद भंडार, डोमचांच

Posted By : Samir Ranjan.

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