कलश स्थापना के साथ चैत नवरात्र की शुरुआत
Published by : DEEPESH KUMAR Updated At : 19 Mar 2026 10:24 PM
नवरात्र के पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना
नवरात्र के पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना झुमरीतिलैया . जिले भर में गुरुवार को विधि-विधान के साथ कलश स्थापना एवं माता शैलपुत्री के आह्वान पूजन के साथ चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हुआ. मंदिरों और घरों में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा की. इस वर्ष मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन डोली पर हुआ है, जिसे शुभ संकेत माना जा रहा है. नवरात्र को देखते हुए शहर के विभिन्न मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. चारों ओर भक्ति गीत सुनायी दे रहे हैं. वहीं, पूरे जिले में लोगों ने एक-दूसरे को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं, जिससे उत्सव का माहौल और भी उल्लासपूर्ण हो गया. बता दें कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत हो गयी है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिनों का रहने वाला है, जिससे भक्तों को माता जगदंबा की आराधना पूरे नौ दिन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा. देवी मंडप में कलश स्थापना का मनायी जा रही 101वीं वर्षगांठ : शहर के प्रसिद्ध देवी मंडप में पहले दिन भगवती जगदंबा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा हुई. मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य कृष्ण मुरारी पांडेय ने बताया कि इस बार देवी मंडप में कलश स्थापना की 101वीं वर्षगांठ भी मनायी जा रही है. देवी मंडप में 1925 से ही कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही है. इस बार माता रानी का आगमन पालकी यानी कि डोली पर हुआ है. शास्त्रों के अनुसार, जब माता पालकी यानी की डोली पर आती है, तो यह समाज में बदलाव और नयी परिस्थितियों का संकेत माना जाता है. वहीं माता की विदाई हाथी पर होगी, जो सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक है. मंदिर में पूजन के दौरान आचार्य वरुण पांडेय, सुरेश पांडेय, लक्ष्मी कांत पांडेय, छोटे लाल पांडेय, हीरालाल पांडेय, आशीष पांडेय, धनंजय पांडेय, ऋषि कांत पांडेय, अक्षय पांडेय, आशुतोष कश्यप व अन्य मौजूद थे.
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