सदर अस्पताल में महिला की मौत, हंगामा किया

Updated at : 24 Apr 2017 8:33 AM (IST)
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सदर अस्पताल में महिला की मौत, हंगामा किया

आक्रोशित लोगों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ प्रवीण कुमार, डॉ अमरेंद्र कुमार व कर्मी के साथ की गाली-गलौज कोडरमा बाजार. सदर अस्पताल में शनिवार की रात प्रसव के दौरान 24 वर्षीय रिंकी देवी (पति- दिनेश राम) मसमोहना डोमचांच निवासी की मौत हो गयी. मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया. आक्रोशित […]

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आक्रोशित लोगों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ प्रवीण कुमार, डॉ अमरेंद्र कुमार व कर्मी के साथ की गाली-गलौज
कोडरमा बाजार. सदर अस्पताल में शनिवार की रात प्रसव के दौरान 24 वर्षीय रिंकी देवी (पति- दिनेश राम) मसमोहना डोमचांच निवासी की मौत हो गयी. मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने ड्यूटी में तैनात चिकित्सक डॉ प्रवीण कुमार, डॉ अमरेंद्र कुमार व कर्मी के साथ गाली-गलौज की. उसके बाद चिकित्सक ने सिविल सर्जन डॉ बीपी चौरसिया को इसकी सूचना दी.
सिविल सर्जन ने स्थिति को बिगड़ते देख एसडीओ को इसकी सूचना दी. कोडरमा थाना पुलिस के अस्पताल पहुंचने के बाद हंगामा कर रहे लोग भाग निकले.
चिकित्सक डॉ प्रवीण ने बताया कि महिला का ऑपरेशन दिन में किया गया था. शाम में जब वे ड्यूटी पर थे, महिला की स्थिति अचानक बिगड़ने लगी. महिला की स्थिति बिगड़ते देख वे डॉ अमरेंद्र मरीज को बचाने का हरसंभव प्रयास किये. लेकिन उसकी मौत हो गयी. महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि महिला की खराब स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया था. मगर परिजन यहां ऑपरेशन करने का आग्रह करने लगे. महिला को आॅपरेशन किया गया. आपरेशन के ठीक बाद महिला को महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. जबकि बच्चे को चाइल्ड स्पेशलिस्ट के पास भेजा गया. इसके बाद महिला की स्थिति बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गयी. सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों में रात्रि ड्यूटी के दौरान कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रोष है.
चिकित्सकों वे कर्मियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता है. आउटसोर्सिंग कर्मियों के नहीं होने के कारण रात्रि में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है.
सिविल सर्जन ने कहा: सिविल सर्जन डॉ बीपी चैरसिया ने कहा कि चिकित्सकों ने अपने स्तर से महिला को बचाने का पूरा प्रयास किया. कोई भी चिकित्सक मरीज को बचाने का हरसंभव प्रयास करता है. चिकित्सकों ने बताया कि महिला एनेमिक थी. उसके परिजनों को सारी स्थिति बता दी गयी थी. परिजनों के आग्रह पर ही ऑपरेशन किया गया. महिला की स्थिति में सुधार करने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेवारी डीएस की है, लेकिन वे अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं.
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