विधायक और डीसी ने की आपदा प्रबंधन की बैठक
Updated at : 12 Apr 2016 8:46 AM (IST)
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पानी के लिए हाहाकार. गर्मी ने दिखाया रौद्र रूप, तो जागा प्रशासन जिले में पानी को लेकर मचा है हाहाकार, लापरवाही का शिकार बनेंगे आमलोग, गरमी से पहले नहीं हुई पूरी तैयारी. कोडरमा बाजार : जिले में दिनों दिन गरमी बढ़ती जा रही है. पेयजल स्रोत सूखते जा रहे हैं. नदी, तालाब के साथ कुएं […]
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पानी के लिए हाहाकार. गर्मी ने दिखाया रौद्र रूप, तो जागा प्रशासन
जिले में पानी को लेकर मचा है हाहाकार, लापरवाही का शिकार बनेंगे आमलोग, गरमी से पहले नहीं हुई पूरी तैयारी.
कोडरमा बाजार : जिले में दिनों दिन गरमी बढ़ती जा रही है. पेयजल स्रोत सूखते जा रहे हैं. नदी, तालाब के साथ कुएं सूख रहे हैं, तो चापानल दम तोड़ चुके हैं. नियमत: गरमी से पहले पेयजल संकट से निपटने के लिए पूरी तैयारी हो जानी चाहिए थी, लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि इस संबंध में किसी ने सोचा नहीं. अब जब पेयजल संकट गहराने लगा है व गरमी रौद्र रूप दिखा रही है, तो प्रशासनिक अधिकारी बचाव में जुट गये हैं.
हालांकि यह कदम कितना कारगर होगा, यह आने वाला समय बतायेगा. फिलहाल जो स्थिति है उससे आनेवाले दिनों में प्रशासनिक लापरवाही का शिकार आम लोगों को बनना पड़ेगा. सोमवार को बरकट्ठा विधायक प्रो जानकी यादव व उपायुक्त संजीव कुमार बेसरा की मौजूदगी में आपदा प्रबंधन की बैठक हुई. बैठक में पेयजल समस्या से निपटने के लिए कई निर्णय लिये गये. बैठक में बताया गया कि खराब चापानलों की मरम्मत व नये चापानलों के अधिष्ठान के लिए एक करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जो पेयजल समस्या को देखते हुए नाकाफी है.
ऐसे में निर्णय लिया गया कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नये चापानल लगाये जायेंगे. इसके लिए सभी विधायकों के माध्यम से सूची मांगी गयी. जिप सदस्यों को कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर जहां बहुत अधिक जरूरत है, वैसे जगहों को चिह्नित करते हुए चापानल लगाने की सूची विधायक को सौंपे. प्रावधान अंतर्गत विधायक की अनुशंसा से ही चापानल लगाये जायेंगे. विधायकों द्वारा अनुशंसित चापानलों की सूची आने के बाद टेंडर प्रक्रिया अपनायी जायेगी और शीघ्र चापानल लगाये जायेंगे. यह भी बताया गया कि साधारण मरम्मत व विशेष मरम्मत के जिले में चापानलों की संख्या 547 है. आवंटन के आधार पर सभी प्रखंडों से मात्र 50-50 ऐसे चापानलों की सूची भी मांगी गयी है, तो कि समय रहते मरम्मत किया जा सके.
इधर, मिली जानकारी के मुताबिक पेयजल समस्या से निपटने के लिए पीएचइडी को मार्च माह में ही राशि उपलब्ध करा दी गयी थी. यदि समय रहते आपदा प्रबंधन की बैठक कर इस तरह का निर्णय लिया जाता, तो पेयजल समस्या से निपटा जा सकता था. अब बैठक होने के बाद जब तक विधायक की अनुशंसा से सूची नहीं आती है, तब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होगी. संभावना है कि तब तक तो अप्रैल माह तो निकल ही जायेगा.
जलापूर्ति के लिए हर प्रखंड को एक टैंकर
बैठक में नये चापानलों के लगाने में आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गयी है. साथ ही वैसे क्षेत्रों में टैंकर से पेयजलापूर्ति करने का निर्णय लिया गया, जहां पेयजल की घोर किल्ल्त है और पेयजल का अन्य स्रोत नहीं है. इसके लिए सभी प्रखंड मुख्यालयों में एक-एक टैंकर उपलब्ध कराने की बात कही गयी. टैंकर से प्रखंड के गांवों में पेयजल आपूर्ति की माॅनिटरिंग बीडीओ करेंगे, जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधि इसमें सहयोग करेंगे.
विधायक प्रो. जानकी यादव ने पशुओं के लिए भी पानी उपलब्ध कराने की बात कही. इसके लिए स्थानीय नदी, तालाबों में गड्ढे करने की बात कही. बैठक के दौरान डीसी ने सभी बीडीओ, सीओ को निर्देश दिया कि डोभा निर्माण का काम 30 अप्रैल के अंदर हर हाल में शुरू हो जाये.
बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रकाश, एसी प्रवीण कुमार गागराई, पीएचइडी के इइ सुरेश कुमार, विधायक प्रतिनिधि संजीव समीर, लक्ष्मण यादव, जिप उपाध्यक्ष निर्मला देवी, जिप सदस्य अमृता सिंह, शांति प्रिया, रेखा देवी, अमिता यादव, कैलाश प्र यादव, महादेव राम, राजकुमार यादव, भुनेश्वर राम, कोडरमा प्रमुख अनिता कुमारी, डोमचांच के सत्यनारायण यादव के अलावा सभी प्रखंडों के प्रमुख, बीडीओ, सीओ आदि मौजूद थे.
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