नर्सरी शिक्षक का प्रशिक्षण पानेवाले की भी हो गयी नियुक्ति
Updated at : 09 Apr 2016 7:00 AM (IST)
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कोडरमा जिले में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली का मामला प्रकाश में आया है. यहां फरजी प्रमाण पत्रों के आधार पर बहाली की गयी है. विकास कुमार कोडरमा : शिक्षा मंत्री नीरा यादव के गृह जिले कोडरमा में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली बरती गयी है. नियमों को ताक पर रख कर ऐसे संस्थान से […]
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कोडरमा जिले में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली का मामला प्रकाश में आया है. यहां फरजी प्रमाण पत्रों के आधार पर बहाली की गयी है.
विकास कुमार
कोडरमा : शिक्षा मंत्री नीरा यादव के गृह जिले कोडरमा में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली बरती गयी है. नियमों को ताक पर रख कर ऐसे संस्थान से निर्गत प्रमाणपत्रों के आधार पर बहाली की बात सामने आयी है, जिसे यूजीसी ने फरजी करार दिया है. एक अभ्यर्थी ने तो काउंसेलिंग के दौरान नि:शक्तों के पुर्नवास पर डिप्लोमा करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया और उसकी नियुक्ति हो गयी, जबकि यह मान्य नहीं है. नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र (मान्य नहीं है) के आधार पर भी नियुक्ति किये जाने का मामला सामने आया है.
फरजी तरीके से की गयी नियुक्ति के खुलासे के बाद डीडीसी की अध्यक्षता में बनी जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट डीसी संजीव कुमार बेसरा को सौंप दी है. इसमें कई खुलासे किये गये हैं. जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट में 27 शिक्षकों की नियुक्ति को संदिग्ध बताया गया है. डीसी की ओर से इन सभी शिक्षकों को नोटिस भेज कर जवाब मांगने की तैयारी की जा रही है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी़
नियोजन के लिए आवासीय नहीं, फिर भी हुई बहाली : जांच के दौरान पाया गया है कि कई अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ दिया गया, पर इसके लिए जरूरी नियोजन को लेकर निर्गत आवासीय प्रमाणपत्र नहीं दिया गया.
इनमें सुरेश राणा, अरसद आलम, मधु कुमारी, शिखा उपाध्याय, रॉयस राज प्रभा, किरण कुमारी, मंजू कुमारी मंजूषा, सविता कुमारी, सारिका कुमारी शामिल हैं. इन्होंने शैक्षणिक कार्य के लिए जारी आवासीय प्रमाण पत्र लगाया. इसके अलावा शकुंतला कुमारी व नीता तिवारी ने आवासीय एसडीओ कोडरमा के यहां से निर्गत दिखाया तो जरूर है, लेकिन नियोजन का स्थानीय प्रमाणपत्र इनके मूल स्थान से निर्गत नहीं है़
अंक बढ़ा कर भी की गयी नियुक्तियां : समिति ने अंक बढ़ा कर नियुक्ति करने का मामला भी पकड़ा है़ चतरा के मो सिकंदर आलम का कुल अंक 50़ 94 है, जबकि इनका वास्तविक अंक 47़ 45 होना चाहिए. इचाक की मीनाक्षी कुमारी का अंक 68़ 20 है, जबकि 58़ 98 होना चाहिए था़ मेघा अंक 56़ 44 है, जबकि 53़ 45 पर ही चयन कर लिया गया़
जांच में यह बात भी सामने आयी कि सुखदेव राम का चयन अनुसूचित जाति कोटि से हुई है़ इनका अंक 57़ 53 अंकित है, जबकि वास्तिवक अंक 52़ 54 होना चाहिए था. अनुसूचित जाति कोटि से चयन का मेघा अंक 54़ 49 है़ इसके बावजूद चयन किया गया़ इसके अलावा श्रीकांत दास का अनुसूचित जाति कोटे से बहाली हुई है, उनका प्राप्तांक 56़ 61 अंकित है, जबकि वास्तविक अंक 54़ 16 है़ महेश राम का भी चयन अनुसूचित जाति कोटे से हुआ है, इनका प्राप्तांक 55़ 53 अंकित है, जबकि वास्तविक अंक 53.12 है़ समिति ने इन सभी को चयन मुक्त करने की सिफारिश की है़
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