वर्षों का सपना टूट कर बिखरा गेडे पाइप फैक्ट्री हुई सील
Updated at : 07 Apr 2019 1:02 AM (IST)
विज्ञापन

जयनगर : वर्ष 1954-55 में तिब्बत के गुरु दलाई लामा द्वारा हिरोडीह में एक पाइप फैक्ट्री की स्थापना की गयी थी. मगर यह फैक्ट्री अपने स्थापना काल से अब तक कभी भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी. अब शुक्रवार को एसबीआइ ने फैक्ट्री को सील कर अपने अधीन कर लिया. यह कार्रवाई 226 करोड़ […]
विज्ञापन
जयनगर : वर्ष 1954-55 में तिब्बत के गुरु दलाई लामा द्वारा हिरोडीह में एक पाइप फैक्ट्री की स्थापना की गयी थी. मगर यह फैक्ट्री अपने स्थापना काल से अब तक कभी भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी. अब शुक्रवार को एसबीआइ ने फैक्ट्री को सील कर अपने अधीन कर लिया. यह कार्रवाई 226 करोड़ ऋण वसूली को लेकर की गयी है. उल्लेखनीय है कि 1954-55 में फैक्ट्री की स्थापना के बाद यहां 1962-63 में उत्पादन शुरू हुआ. आसपास के लोगों को रोजगार भी मिला. मगर यह फैक्ट्री 1976 में बंद हो गयी.
तब से अब तक यहां काम करने वाले कई लोग इस दुनिया से विदा हो गये है. बल्कि शेष लोग फैक्ट्री खुलने की आस में डटे रहे. उक्त फैक्ट्री की स्थापना के समय 365 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. 1976 में बंद होने के बाद तत्कालीन बिहार सरकार के उद्योग निगम ने इस फैक्ट्री को हैंडओवर कर लिया. वहीं 1984 में बंगाल से आये प्रदीप कुमार संचेती ने बिहार सरकार से एकरार नामा किया और इस फैक्ट्री का मगध स्पंज पाइप फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के नाम से नामकरण किया. एक बार फिर लोगों की उम्मीद बढ़ी.
मगर संचेती बैंक से भारी भर कम लोन लेकर फरार हो गया. पुन: एक बार 2010 में बंगाल के नवरंग भट्टाचार्य ने पूरे तामझाम के साथ बिहार सरकार से एकरार नामा के बाद फैक्ट्री शुरू की. किसी तरह पांच वर्ष तक चलाया. इस दौरान यहां पांच वर्ष से कार्यरत कामगारों को तीन वर्ष का लंबित भुगतान भी किया. इस बार फैक्ट्री का नाम जुपिटर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज रखा गया. मगर भट्टाचार्य ग्रुप भी बैंक से ऋण लेकर फरार हो गया.
बैंक का कर्जा लगातार बढता गया. पहले बैंक ने इश्तेहार चिपका कर नीलाम की प्रक्रिया शुरू की और शुक्रवार को अपने अधीन कर फैक्ट्री को सील कर दिया. यहां काम कर रहे 13 लोग बेरोजगार हो गये. वर्षों का सपना टूट कर बिखर गया. रोजागार तो छूटा ही लंबित राशि भी अधर में लटक गया. फिलहाल फैक्ट्री का सील होना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है. यहां काम कर रहे तथा यहां काम की आशा रखने वाले लोगों भी हतप्रभ हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




