सिस्टम ने उलझाये रखा, पुलिस ने जबरन करायी चहारदीवारी

Updated at : 09 Oct 2018 8:27 AM (IST)
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सिस्टम ने उलझाये रखा, पुलिस ने जबरन करायी चहारदीवारी

झुमरीतिलैया : तिलैया थाना क्षेत्र के झुमरी में स्थित जमीन के एक प्लाट को लेकर दो पक्षों में चल रहे विवाद के बीच पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ गया है. जिस जमीन पर चाहरदीवारी को लेकर बीते दिन मारपीट की घटना हुई थी और एक पक्ष की ओर से थाना में आवेदन देकर […]

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झुमरीतिलैया : तिलैया थाना क्षेत्र के झुमरी में स्थित जमीन के एक प्लाट को लेकर दो पक्षों में चल रहे विवाद के बीच पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ गया है. जिस जमीन पर चाहरदीवारी को लेकर बीते दिन मारपीट की घटना हुई थी और एक पक्ष की ओर से थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया गया था उसी जमीन पर सोमवार को एक बार फिर कुछ लोगों ने बाउंड्री बनाने का कार्य शुरू कर दिया.
आरोप है कि तिलैया पुलिस व पूरे सिस्टम ने एक पक्ष को ऐसा उलझाए रखा कि दूसरे पक्ष का काम आसान हो गया. यही नहीं पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन पर चहारदीवारी किये जाने का आरोप सामने आया है. आरोप है कि पुलिस ने बिना कोई आदेश के मौके पर मौजूद होकर एक पक्ष का काम आसान कर दिया. जानकारी के अनुसार झुमरी में खाता संख्या 26 प्लॉट नंबर 630 रकबा 6 डिसमिल प्लाॅट नंबर 631 रकबा 17 डिसमिल, प्लॉट नंबर 632 रकबा 6 डिसमिल, प्लॉट नंबर 633 रकबा 10 डिसमिल कुल रकबा 39 डिसमिल भूमि को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है.
यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, पर बीते दिन एक पक्ष ने यहां चहारदीवारी का कार्य शुरू कर दिया. दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताते हुए पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों को सूचना दी तो काम रोक दिया गया, पर एक दिन बाद पुन: सोमवार को यहां चहारदीवारी का निर्माण शुरू कर दिया गया. आरोप है कि तिलैया पुलिस ने बिना कोई आधिकारिक आदेश के वहां खड़ा होकर चहारदीवारी का निर्माण करवाया. जब दूसरे पक्ष ने आपत्ति जतायी तो एसडीओ के पास जाने को कह दिया गया.
पीड़ित जब एसडीओ के पास गया तो जमीन को लेकर वर्तमान स्थिति व रिपोर्ट सीओ कोडरमा के मार्फत लाने की बात कही गयी. पीड़ित इस कार्य को लेकर सीओ अशोक राम के पास गया तो दोपहर बाद 3:30 बजे इस जमीन पर धारा 144 लगाने की अनुशंसा को लेकर पत्र जारी किया गया. हालांकि, इससे पहले उक्त जमीन पर चहारदीवारी का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया था. इससे पहले दिन में पुलिस पर सवाल उठा तो एसपी डॉ एम तमिल वाणन ने जांच के लिए एसडीपीओ ओम प्रकाश को भी जांच के लिए भेजा. एसडीपीओ ने पीड़ित पक्ष को थाने में बुलाकर कागजात की जांच की तब तक पुलिस की मौजूदगी में अधिकतर कार्य हो गया था. हालांकि, पुलिस पदाधिकारी के अनुसार सुबह 11 बजे के बाद काम को रोकवा दिया गया था.
सीओ की ओर से दी गयी रिपोर्ट में क्या है जिक्र
जमीन विवाद को लेकर सीओ ने अपनी रिपोर्ट एसडीओ को सौंप दी है. रिपार्ट में सीओ ने कहा है कि सुनील कुमार भदानी (पिता बृजनंदन प्रसाद भदानी) एवं अन्य के आवेदन के आलोक में संबंधित हल्का राजस्व कर्मचारी व अंचल निरीक्षक से जांच के उपरांत प्रतिवेदित किया गया था कि मौजा झुमरी थाना नंबर 273 से मिलान किया गया. सर्वे खतियान के अनुसार मौजा झुमरी के खाता संख्या 26 प्लॉट नंबर 630 रकबा 6 डिसमिल प्लॉट नंबर 631 रकबा 17 डिसमिल, प्लॉट नंबर 632 रकबा 6 डिसमिल, प्लॉट नंबर 633 रकबा 10 डिसमिल कुल रकबा 39 डिसमिल भूमि अमृत राम (पिता झरी राम) व तालेश्वर राम (पिता रामरतन राम), राघो राम (पिता भातु राम) के नाम से दर्ज है.
रजिस्टर टू में भी लगान रसीद वर्ष 2015-16 तक इन लोगों के नाम से निर्गत है. सीओ ने अपनी रिपार्ट में कहा है कि स्थलीय जांच के क्रम में लोगों से पूछताछ से जानकारी मिली कि यह जमीन प्रथम पक्ष सुनील कुमार भदानी (पिता बृजनंदन भदानी) वगैरह के दखल कब्जे में है और वर्तमान में परती है. खतियानी रैयत के वंशज नारायण यादव, गुल्ली यादव ने शंकर यादव को सात जून 2016 को बिक्री करने के लिए मुख्तार नामा दिया था, जिसे शंकर यादव ने केवाला संख्या 3255 दिनांक 28 सितंबर 2016 को अपनी पत्नी हेमलता देवी को बिक्री कर दिया. सीओ ने रिपोर्ट में अनुमंडल पदाधिकारी से उपरोक्त जमीन पर दंड प्रक्रिया सहिता के धारा 144 लगाने की अनुशंसा की है.
इधर, सुनील भदानी के अनुसार उपरोक्त जमीन 1952 में हमारे पूर्वजों ने खरीद किया था, जिसे शंकर यादव की पत्नी अपना जमीन बता रही है.
झुमरी में जमीन विवाद को लेकर पुलिस को सूचना मिली थी. थाना प्रभारी के अनुसार विधि व्यवस्था की कोई समस्या न हो इसको लेकर पुलिस बल भेजा गया था. अगर पुलिस बल के द्वारा पक्ष लेते हुए काम करने व वहां मौजूद रहकर बाउंड्री कराने का आरोप है तो इसकी जांच करायी जायेगी. मैंने थाना प्रभारी से पूछा था, विवादित जमीन पर फोर्स उपलब्ध कराने को लेकर कोई लिखित आदेश नहीं है. ऐसे में मामला गंभीर प्रतीत होता है. इसकी मैं खुद जांच करुंगा. अगर जरूरत पड़ी तो थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी.
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