देशव्यापी किसान मुक्ति यात्रा: पूर्व सांसद हन्ना, जनविरोधी नीतियों की वजह से किसान कर रहे हैं आत्महत्या

Updated at : 02 Nov 2017 12:28 PM (IST)
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देशव्यापी किसान मुक्ति यात्रा: पूर्व सांसद हन्ना, जनविरोधी नीतियों की वजह से किसान कर रहे हैं आत्महत्या

जयनगर: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा निकाली गयी देशव्यापी किसान मुक्ति यात्रा का पिपचो पहुंचने पर किसान सभा व माले के नेताओं ने भव्य स्वागत किया. मौके पर पिपचो बाजार में सभा हुई. सभा की अध्यक्षता पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय किसान सभा के राजा राम सिंह व संचालन किसान सभा के राजकुमार पासवान […]

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जयनगर: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा निकाली गयी देशव्यापी किसान मुक्ति यात्रा का पिपचो पहुंचने पर किसान सभा व माले के नेताओं ने भव्य स्वागत किया. मौके पर पिपचो बाजार में सभा हुई. सभा की अध्यक्षता पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय किसान सभा के राजा राम सिंह व संचालन किसान सभा के राजकुमार पासवान ने किया. सभा को संबोधित करते हुए जत्था का नेतृत्व कर रहे सीपीएम पोलिट ब्यूरो सदस्य और अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव पूर्व सांसद कॉमरेड हन्नान मोल्ला ने कहा कि मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश भर के लाखों किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं.

भाजपा सरकार रैयती कानून में परिवर्तन कर जमीन मिट्टी के भाव में पूंजीपतियों के हाथों में सौंपना चाहती है. पूंजीपतियों का हजारों करोड़ों लोन माफ कर रही है. दूसरी तरफ लोन लिए गरीब किसानों को घर पर कुर्की कर रही है. अभी भी देश में 40 प्रतिशत लोगों को राशन कार्ड नहीं मिला है. दूसरी तरफ आधार कार्ड के नाम पर गरीबों को राशन से वंचित किया जा रहा है. वहीं एफसीआइ गोदामों में लाखों टन अनाज सड़ रहा है. देश मे महंगाई बढ़ रहा है. बेरोजगारों की फौज खड़ी हो रही है. सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा गरीब किसानों को भुगतान पड़ रहा है. देश में फैली समस्याओं पर से ध्यान हटाने के लिए समाज में नफरत फैला कर दंगा की राजनीति की जा रही है. इसके खिलाफ देश के किसानों, मजदूरों को एक होना होगा.

विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि राज्य की रघुवर सरकार ने आदिवासियों व अन्य रैयतों की जमीन लूटने के लिए एक चोर दरवाजा खोला है, जिसके तहत सामाजिक आकलन के प्रभाव को खत्म करते हुए भूमि पुनर्स्थापना- पुनर्वास, उचित पारदर्शिता, प्रतिकार कानून के नियमावली 2015 में उल्लेखित धारा को समाप्त कर दिया है. यह सरकार पूरे समाज को जाति व धर्म के नाम पर तोड़ना चाहती है. सरकार लोगों को न्याय व सुरक्षा देने में पूरी विफल साबित हुई है.
वहीं पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि मजदूरों व किसानों की मांगों के प्रति केंद्र व राज्य सरकार उपेक्षा का रूख अपना रही है. गरीब व जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम से बाहर कर दिया गया है.

झारखंड में अभी भी 40 प्रतिशत लोगों को राशन कार्ड नहीं मिला है. सभा को जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, किसान सभा के संयुक्त सचिव बीजू कृष्णन, किसान नेता राजाराम, विधायक राजकुमार यादव, पूर्व विधायक बिनोद सिंह, सुरजीत सिन्हा, सुफल महतो, संजय पासवान, रमेश प्रजापति, श्यामदेव यादव, मोहन दत्ता, जत्था में शामिल मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान, उतराखंड से आये राष्ट्रीय किसान नेता पुरुषोत्तम शर्मा, रवींद्र सिंह, माले जिला सचिव मोहन दत्ता, माकपा जिला सचिव रमेश प्रजापति, अभिक शाहा, डाॅ सुनिलन, आनंद शेखर, प्रेम सिंह गहलोत, झारखंड राज्य सचिव पुरन महतो, राज्य कमेटी सदस्य श्यामदेव यादव, पूर्व जिप सदस्य रामधन यादव, बासुदेव यादव, राजेंद्र यादव, एपवा प्रदेश अध्यक्ष सविता सिंह, अशोक यादव, वीरेंद्र यादव, नागेश्वर प्रसाद, भोला यादव, राजेंद्र मेहता, इब्राहिम अंसारी, प्रखंड संयोजक मुन्ना यादव, आर चंद्रशेखर, प्रहलाद ठाकुर सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे.
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