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पेसा कानून में आदिवासियों के अधिकार को किया गया है कमजोर : अलेस्टेयर बोदरा

Updated at : 05 Jan 2026 7:08 PM (IST)
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पेसा कानून में आदिवासियों के अधिकार को किया गया है कमजोर : अलेस्टेयर बोदरा

सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर किया जायेगा आंदोलन

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खूंटी. झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा है कि पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली – 2025 मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसा है. अबुआ सरकार ने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के आदिवासियों को ठगने का काम किया है. अबुआ सरकार आदिवासियों के स्वशासन आधारित विशेषाधिकार को मजबूत करना नहीं चाहती है. उन्होंने कहा कि झामुमो नीत अबुआ सरकार से बहुत उम्मीद थी कि पेसा कानून से सुसंगत नियमावली बनाकर अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासियों की चिर प्रतीक्षित आकांक्षा पूरी करेगी. पिछले विधानसभा चुनाव के समय झामुमो और कांग्रेस दोनों दलों ने यह वादा भी किया था, किंतु नियमावली निर्माण में अबुआ सरकार ने पेसा कानून के निर्देशों तक को दरकिनार कर दिया. झारखंड सरकार ने न सिर्फ पेसा कानून के विशिष्टताओं को दरकिनार किया है, बल्कि झारखंड के आदिवासियों के विशेषाधिकार को भी कमजोर करने का काम किया है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बहुत जल्द विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जायेगा.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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CHANDAN KUMAR

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By CHANDAN KUMAR

CHANDAN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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