तोरपा : रेफरल अस्पताल में सोमवार को शिविर आयोजित कर प्रखंड के कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए प्रशिक्षण दिया गया. अस्पताल के प्रभारी डॉ नागेश्वरमांझी व डॉ रीता कश्यप ने एएनएम, सहिया व आंगनबाड़ी सेविका को कुपोषित बच्चों की पहचान के लक्षण बताये.
कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर रेफरल अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र पर ले आयें. कुपोषित बच्चों को अस्पताल में रखने के दौरान उनकी मां को प्रतिदिन 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा दी जाती है. आवश्यक आहार व दवा भी नि:शुल्क दी जाती है. मौके पर प्रमुख रोशनी गुड़िया ने कहा कि कई अभिभावक जागरूकता के अभाव में कुपोषित बच्चों को अस्पताल लाना नहीं चाहते. ऐसे अभिभावकों को समझाने की जरूरत है.
उपप्रमुख सोफिया सुल्ताना ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा लोगों की आधारभूत जरूरत है. इसमें कोताही न बरतें. चिकित्सक व नर्स रोस्टर के अनुसार ईमानदारी से ड्यूटी करें. सहिया, एएनएम व आंगनबाड़ी सेविका ड्यूटी के दौरान ड्रेस में रहें. मौके पर पंचायत समिति सदस्य उर्सेला भेंगरा, सुमंती बरला, सीडीपीओ पूर्णिमा सिन्हा, एएनएम, सहिया व आंगनबाड़ी सेविका मौजूद थीं.
