मुठभेड़ में पीएलएफआइ कमांडर निकोलस ढेर

Updated at : 11 Apr 2015 5:55 AM (IST)
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मुठभेड़ में पीएलएफआइ कमांडर निकोलस ढेर

कार्रवाई. मुरहू के राजा कुंजला गांव में पुलिस की घेराबंदी डीजीपी पहुंचे खूंटी, पुलिस को किया पुरस्कृत खूंटी : मुरहू एवं खूंटी पुलिस ने नौ अप्रैल की रात मुरहू के राजा कुंजला बस्ती के पास मुठभेड़ में पीएलएफआइ के एरिया कमांडर निकोलस पाहन को मार गिराया. वह तोरपा स्थित खिजूरटोली का रहनेवाला था. इस मुठभेड़ […]

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कार्रवाई. मुरहू के राजा कुंजला गांव में पुलिस की घेराबंदी

डीजीपी पहुंचे खूंटी, पुलिस को किया पुरस्कृत

खूंटी : मुरहू एवं खूंटी पुलिस ने नौ अप्रैल की रात मुरहू के राजा कुंजला बस्ती के पास मुठभेड़ में पीएलएफआइ के एरिया कमांडर निकोलस पाहन को मार गिराया. वह तोरपा स्थित खिजूरटोली का रहनेवाला था. इस मुठभेड़ में उसका साथी कुटाम निवासी सुरेंद्रकांत चौबे उर्फ सुरेन पंडित घायल हो गया. उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

घटना की सूचना मिलने पर राज्य के डीजीपी डीके पांडेय व डीआइजी अरुण कुमार सिंह खूंटी पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली. एसपी अनीस गुप्ता, एसडीओ घोलप रमेश गोरख, एएसपी पीआर मिश्र, एसडीपीओ दीपक शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने डीजीपी को घटना की जानकारी दी. डीजीपी ने इस सफलता के लिए पुलिस कर्मियों को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया.

डीजीपी ने कहा : मुरहू थाना के एसआइ फिलिप कुजूर, शर्मा भगत, पूरनचंद किसान और अन्य पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड देने की अनुशंसा की जायेगी. खूंटी एसपी के अनुसार मारा गया निकोलस पाहन पीएलएफआइ के जोनल कमांडर जिदन गुड़िया का दाहिना हाथ था. मुठभेड़ में पुलिस की तरफ से करीब 20 चक्र गोलियां चलायी गयी.

जानकारी के मुताबिक एसपी अनीस गुप्ता को सूचना मिली थी कि निकोलस पांच हथियारबंद सदस्यों के साथ कुंजला-इट्ठे रोड पर किसी की हत्या के इरादे से बैठा है. सूचना पर उन्होंने एसडीपीओ दीपक शर्मा के निर्देशन में टीम का गठन किया गया. पुलिस की टीम रात करीब 10.30 बजे कुंजला-इट्ठे रोड पहुंची. पुलिस के पहुंचने पर पास के एक घर में खाना खा रहे निकोलस व अन्य उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी मोरचा संभाला और जवाबी कार्रवाई की. एसडीपीओ दीपक शर्मा, थानेदार सहदेव प्रसाद, सिपाही सुरेंद्र शर्मा एवं राज रोशन सिन्हा भी मोरचा संभाल चुके थे.

मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल की तलाशी, तब पुलिस को निकोलस का शव मिला. वहीं सुरेंद्र कांत चौबे को घायलावस्था में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. हालांकि अंधेरे का फायदा उठाते हुए लोहाजिमी निवासी अनूप, गुड़गुड़चुंआ निवासी बिरसा भेंगरा, महराओड़ा निवासी संजय गुड़िया समेत अन्य उग्रवादी वहां से भाग निकले. पुलिस की तलाशी में घटनास्थल से एक नाइन एमएम की पिस्टल, तीन देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, दो खोखा, तीन मोबाइल व एक चाकू आदि को जब्त किया गया. पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है.

डीजीपी मुआयना कर निकले और फटा बम

निकोलस जिस घर में खाना खा रहा था. उस घर से सटे भवन के बगल झाड़ी में छुपाकर रखा गया एक सुतली बम शुक्रवार को अचानक ब्लास्ट कर गया. घटना शुक्रवार को दिन के तीन बजे घटी. सूचना मिलने पर एसपी अनीस गुप्ता, एसडीपीओ दीपक शर्मा पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे. झाड़ी की तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से दो जिंदा बम मिले. उल्लेखनीय है कि इससे पहले डीजीपी ने मुठभेड़ के बाद घटनास्थल का मुआयना किया था. डीजीपी समेत अन्य अधिकारी जिस जगह पर खड़े थे, वहां से महज एक मीटर की दूरी पर झाड़ी में छुपा कर बम रखा गया था.

21 मामलों में निकोलस पाहन की थी तलाश

खूंटी पुलिस को 21 मामलों में निकोलस की तलाश थी. उसके खिलाफ तोरपा थाने में 17, जबकि मुरहू थाने में चार मामले दर्ज हैं. गिरफ्तार उग्रवादी सुरेन पंडित के खिलाफ तोरपा थाने में पांच मामले दर्ज हैं.

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