हटाये जा रहे हैं डीरेल डिब्बे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Feb 2019 2:01 AM
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दुर्घटना : डीआरएम की देखरेख में तेजी से रेसक्यू जारी खलारी/डकरा : खलारी-राय के बीच डकरा साइडिंग के पास मंगलवार काे हुए मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पिछले 48 घंटे से रेसक्यू का काम युद्धस्तर पर जारी है. हेड क्वार्टर व डिवीजन स्तर के कई अधिकारियों से लेकर अनेक कनीय रेल अधिकारी, अभियंता, विशेषज्ञ, […]
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दुर्घटना : डीआरएम की देखरेख में तेजी से रेसक्यू जारी
खलारी/डकरा : खलारी-राय के बीच डकरा साइडिंग के पास मंगलवार काे हुए मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पिछले 48 घंटे से रेसक्यू का काम युद्धस्तर पर जारी है. हेड क्वार्टर व डिवीजन स्तर के कई अधिकारियों से लेकर अनेक कनीय रेल अधिकारी, अभियंता, विशेषज्ञ, तकनीशियन, मजदूर रेल यातायात सामान्य करने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं.
उम्मीद जतायी जा रही है कि गुरुवार को सुबह तक परिचालन का ट्रायल लिया जा सकेगा. दुर्घटनाग्रस्त एक रेल इंजन को घटनास्थल से उठा लिया गया है. वहीं बेपटरी हुए 23 डिब्बों में से इंजन सहित पांच डिब्बे हटाना बाकी रह गया है. दुर्घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति कठिन होने के कारण रेसक्यू कार्य में ज्यादा समय लग रहा है. दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों में से कोयला हटाया जा रहा है. कंटेनरों को सुरक्षित पटरी से हटाया जा रहा है ताकि उसमें रखे कीमती सामान का नुकसान न हो. अभी-भी दो कंटेनर हटाने बाकी हैं.
डीआरएम स्वयं कर रहे हैं मॉनीटरिंग : डीआरएम धनबाद अनिल कुमार मिश्रा बुधवार को दूसरे दिन भी दुर्घटना स्थल पर रेसक्यू कार्य का मॉनीटरिंग करते रहे. उन्होंने बताया कि हेड क्वार्टर और डिवीजन के अधिकारी स्वयं काम कर रहे हैं. बताया कि धनबाद, बरवाडीह, मुगलसराय से उच्च क्षमता का क्रेन मंगाया गया है. रेलवे की ओर से रेसक्यू टीम के लिए सारी सुविधाएं प्रदान की जा रही है. रात में काम करने के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गयी है. भोजन की अच्छी व्यवस्था की गयी है. मेडिकल बोर्ड और पारा मेडिकल टीम किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है. इनमें डॉक्टर भी हैं. कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि बुधवार देर रात तक परिचालन ट्रायल किया जा सके.
राय-खलारी से प्रतिदिन 10-12 करोड़ का नुकसान : डीआरएम अनिल मिश्रा ने बताया कि केवल राय-खलारी से प्रतिदिन औसत 20 रैक कोयला डिस्पैच होता है. जिसका मालभाड़ा रेलवे को 10 से 12 करोड़ रुपये मिलता है. परिचालन बंद होने से प्रतिदिन इसका नुकसान रेलवे को हो रहा है.
खलारी के रास्ते यात्री ट्रेनों का परिचालन अभी भी बंद : खलारी-राय के बीच दुर्घटना के कारण बरकाकाना-गढ़वारोड स्टेशन के बीच रेल यातायात बुधवार को दूसरे दिन भी बंद रहा. कोयला ढुलाई के लिए खास रूट होने के कारण खलारी, राय स्टेशन के अधीन साइडिंगों से कोयला रैक डिस्पैच बंद है. खलारी होकर गुजरनेवाले एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है. वहीं बरकाकाना-पटना पलामू एक्सप्रेस को बरवाडीह-पटना के बीच ही चलाया जा रहा है. इस रूट की पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.
खलारी स्टेशन पर पसरा सन्नाटा
खलारी रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा है. टिकट खिड़की के बाहर ट्रेन परिचालन बंद होने संबंधी पर्चा चिपका दिया गया है. मंगलवार रात कई यात्री टिकट काउंटर के बाहर ठहरे हुए थे. दुर्घटना से अनजान लोग बुधवार को भी स्टेशन पहुंचे और निराश लौट गये. यार्ड से लेकर प्लेटफॉर्म तक में सन्नाटा है.
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