Jharkhand News : कदमा में कल मनेगा बाहा पर्व, शामिल होंगे सीएम हेमंत सोरेन व कल्पना सोरेन

Updated at : 06 Mar 2025 10:12 PM (IST)
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Jharkhand News : कदमा संताल जाहेरथान में 8 मार्च को प्रकृति की उपासना का महापर्व बाहा बोंगा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री रामदास सोरेन व गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन समेत अन्य विधायक और समाज के गणमान्य लोग शामिल होंगे.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू व अन्य

Jharkhand News : कदमा संताल जाहेरथान में 8 मार्च को प्रकृति की उपासना का महापर्व बाहा बोंगा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री रामदास सोरेन व गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन समेत अन्य विधायक और समाज के गणमान्य लोग शामिल होंगे.

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Jharkhand News : कदमा संताल जाहेरथान में 8 मार्च को प्रकृति की उपासना का महापर्व बाहा बोंगा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री रामदास सोरेन व गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन समेत अन्य विधायक और समाज के गणमान्य लोग शामिल होंगे. इस महापर्व में शहर समेत कोल्हान क्षेत्र की विभिन्न नृत्य मंडलियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. यह जानकारी गुरुवार को कदमा संताल जाहेरथान के संरक्षक पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने जाहेरथान परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी. उन्होंने बताया कि बाहा बोंगा प्रकृति प्रेम और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है, जिसे संताल आदिवासी समुदाय द्वारा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस पर्व में सैकड़ों लोग शामिल होकर मरांगबुरू और जाहेरआयो के आशीर्वाद के रूप में सखुआ फूल को ग्रहण करेंगे. यह फूल प्रकृति की शक्ति और समुदाय की एकजुटता का प्रतीक माना जाता है. पर्व की शुरुआत सुबह में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगी. नायके बाबा को उनके आवास से नाचते-गाते हुए जाहेरथान तक लाया जायेगा. माझी बाबा और नायके बाबा की अगुवाई में जाहेरथान परिसर में इष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जायेगी. इसके बाद सामूहिक बाहा नृत्य का आयोजन होगा, जिसमें पारंपरिक संगीत और लोकगीतों के माध्यम से समुदाय अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करेगा. उन्होंने बताया कि बाहा पर्व आदिवासी समुदाय की संस्कृति, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और पारंपरिक मूल्यों को सहेजने का अवसर प्रदान करता है. यह पर्व सामाजिक समरसता, भाईचारे और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देता है, जिसे पूरे आदिवासी समुदाय द्वारा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. इस मौके पर माझी बाबा बिंदे सोरेन, कमेटी के अध्यक्ष भूआ हांसदा, भीम मुर्मू, सुरेंद्र टुडू, विक्रम बास्के, पंचू हांसदा, बाघराय हांसदा, लील मोहन सोरेन, विकास हेंब्रम, सोनाराम टुडू, सोनाराम सोरेन आदि उपस्थित थे.

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