ट्रीटमेंट के साथ मेडिटेशन, मोटिवेशनल थेरेपी का है असर, कोरोना को मात देने वालों की तेजी से बढ़ रही है संख्या
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 09 Aug 2020 10:54 PM
जामताड़ा : भले ही जामताड़ा जिले में कोरोना संक्रमण का मामला बढ़ते जा रहा है लेकिन कोरोना को मात देने वालों की संख्या में ज्यादा तेजी से इजाफा हो रहा है. रविवार को भले ही कोरोना संक्रमन का नया केस सामने आया है लेकिन पांच संक्रमित मरीजों ने कोरोना को मात देने का काम किया है. पूर्व से इलाजरत संक्रमित मरीजों का रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद पांचों कोरोना योद्धाओं को सम्मान पूर्वक कोविड-19 अस्पसाल से डिस्चार्ज किया गया.
जामताड़ा : भले ही जामताड़ा जिले में कोरोना संक्रमण का मामला बढ़ते जा रहा है लेकिन कोरोना को मात देने वालों की संख्या में ज्यादा तेजी से इजाफा हो रहा है. रविवार को भले ही कोरोना संक्रमन का नया केस सामने आया है लेकिन पांच संक्रमित मरीजों ने कोरोना को मात देने का काम किया है. पूर्व से इलाजरत संक्रमित मरीजों का रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद पांचों कोरोना योद्धाओं को सम्मान पूर्वक कोविड-19 अस्पसाल से डिस्चार्ज किया गया.
अब तक जिले में 102 लोग कोरोना को मात देकर घर जा चुके हैं. वही कुल संक्रमण का आंकड़ा 138 पहुंच गया है. वर्तमान में मात्र 36 एक्टिव केस जिले में है. कोराना को मात देने में कोविड टीम के मेडिकेशन के साथ मेडिटेशन व मोटिवेशन थैरैपी एवं त्वरित जांच मददगार साबित होती है.
कोरोना वायरस को मात देने में जिले के कोविड टीम की ओर से उठाये गये कदम की भूमिका भी अहम है. जिसमें सैंपल संग्रह कर जांच करना, मरीजों को मेडिकेशन के साथ मेडिटेशन करवाना, मोटिवेट करना मुख्य रूप से शामिल है. लगातार तेजी से सैंपल संग्रह कर जांच किये जाने का परिणाम है कि जिले में संक्रमित मरीजों के ठीक होने का दर लगातार बढ़ता जा रहा है. और जो मरीज ठीक हो रहे हैं, उनके स्वस्थ होने में समय भी कम लग रहा है.
एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर दुबे का मानना है कि तेजी से हो रही टेस्टिंग की वजह से कोरोना को मात देने में सफलता मिल रही है. उन्होंने बताया कि तेजी से सैंपल कलेक्शन करने और उसका रैपिड एंटीजेन एवं ट्रूनेट जांच करने से संक्रमण के पहले ही फेज में मरीज चिह्नित हो जा रहे हैं. जिनमें अधिकांश मरीज एसिंप्टोमेटिक होने की वजह से लो स्प्रेडर होते हैं. वैसे मरीज संक्रमण का प्रसार नहीं कर पाते हैं और शुरुआती दौर में ही इलाज करने से जल्दी स्वस्थ हो जा रहे हैं.
इसके अलावा संक्रमित मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए कोविड अस्पताल में नियमित मेडिटेशन एवं मोटिवेशनल थेरेपी दी जा रही है. प्रतिदिन 20 मिनट योगा करवाया जा रहा है. साथ हीं मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए मोटिवेट भी किया जा रहा है. जिसका फायदा मरीजों को मिल रहा है. विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ दुर्गेश झा का कहना है कि ट्रीटमेंट के साथ मेडिटेशन करवाने का फायदा यह है कि मरीजों पर दवा का असर सटीक हो रहा है और वे स्वस्थ हो रहे हैं.
डिस्चार्ज किये गये कोरोना योद्धा में जिला भू अर्जन कार्यालय का एक कर्मी भी शामिल है. बीते एक सप्ताह पूर्व कार्यालय का कर्मी संक्रमित पाया गया था. जिसका कोविड-19 अस्पताल में आइसोलेट कर इलाज किया गया. इलाज के बाद स्वस्थ होने पर वारियर्स के रूप में सम्मान पूर्वक उनकी विदाई कोविड-19 अस्पताल से की गयी.
जामताड़ा के एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ अजीत कुमार दुबे ने कहा कि तेजी से कोरोना का जांच किये जाने के कारण शुरुआती दौर में संक्रमित मरीज चिह्नित हो जाते हैं और उनका इलाज किया जाता है. वैसे मरीज अधिकांश एसिंप्टोमेटिक होते हैं जिन पर दवा क्विक रिस्पांस करती है और वह जल्दी स्वस्थ होते हैं. इसके अलावा उन्हें मानसिक रूप से मजबूती देने के लिए मेडिटेशन एवं मोटिवेशनल थेरैपी भी दी जाती है.
Posted By: Amlesh Nandan Sinha.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










