फोटो – 02 जानकारी देते आचार्य व अन्य संवाददाता, जामताड़ा : रामानुज पीठ के आचार्य अंगद पद्मनाभाचार्य ने शनिवार को प्रेस कांन्फ्रेंस की. इस अवसर पर उन्होंने गोवंश सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई. झारखंड में गोवंश की सुरक्षा के लिए व्यापक जन आंदोलन की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक अस्तित्व से जुड़ा है, जिस पर केंद्र व राज्य सरकार को प्राथमिकता से काम करना चाहिए. एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जामताड़ा पहुंचे आचार्य पद्मनाभाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही से गोवंश की तस्करी तेजी से बढ़ी है. जामताड़ा क्षेत्र तस्करों के लिए एक प्रमुख कॉरिडोर बन गया है. कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि गोवंश तस्करी पर पूर्ण विराम लगाया जा सके. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि गोवंश तस्करी, गोवंश संरक्षण और गोमांस की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए. इस संबंध में कठोर कानून बनाया जाय. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की शिथिलता के कारण बांग्लादेशी घुसपैठिए संताल परगना क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे यहां के हिंदू आदिवासी संस्कृति, परंपरा और भूमि अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. कहा कि जिस उद्देश्य से झारखंड राज्य का गठन हुआ था, जिसमें जंगल-जमीन की रक्षा प्रमुख थे. वह लक्ष्य अब पीछे होता दिख रहा है. उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. कहा कि राज्य में इसकी रोकथाम के लिए ठोस नीति और निगरानी तंत्र की जरूरत है.
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