जमशेदपुर में टीएमएच के पूर्व एचओडी डॉ एबी बलसारा का निधन, चिकित्सा जगत में शोक

टाटा मेन हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ एबी बलसारा की फाइल फोटो.
Jamshedpur News: जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के मेडिसिन विभाग के पूर्व एचओडी डॉ एबी बलसारा का निधन हो गया. वे शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों में गिने जाते थे. उनके निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर है. आइएमए जमशेदपुर ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट
Jamshedpur News: झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर के चिकित्सा जगत के लिए गुरुवार का दिन बेहद दुखद रहा. शहर के वरिष्ठतम चिकित्सकों में से एक और टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष (एचओडी) डॉ. एबी बलसारा का दोपहर में निधन हो गया. वे अपनी सादगी, विनम्रता और प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते थे. उनके निधन की खबर मिलते ही शहर के चिकित्सा जगत और प्रबुद्ध वर्ग में शोक की लहर दौड़ गयी. पारिवारिक सूत्रों के अनुसार डॉ. बलसारा का अंतिम संस्कार शुक्रवार (कल) दोपहर लगभग 12 बजे किया जायेगा.
नागपुर मेडिकल कॉलेज नागपुर से टीएमएचतक का सफर
डॉ. एबी बलसारा का चिकित्सा करियर बेहद प्रभावशाली रहा. जमशेदपुर आने से पहले वे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे. इसके बाद उन्होंने टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ज्वाइन किया. जहां वे मेडिसिन विभाग के एचओडी बने और इसी पद से सेवानिवृत्त हुए. वे डीएनबी (मेडिसिन) पोस्टग्रेजुएट डिग्री के लिए बतौर परीक्षक भी अपनी सेवाएं देते रहे.
आइएमए ने 2022 में किया था सम्मानित
समाज के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए आइएमए जमशेदपुर ने वर्ष 2022 में उन्हें अन्य वरिष्ठ सदस्यों के साथ विशेष रूप से सम्मानित किया था. वे आइएमए के सबसे वरिष्ठ आजीवन सदस्यों में से एक थे. उनके सहकर्मियों के अनुसार वे एक अत्यंत विनम्र और ज्ञानवान व्यक्ति थे. जिन्होंने हमेशा मरीजों के हित को सर्वोपरि रखा.
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आइएमए ने जताया गहरा दुख
डॉ. एबी बलसारा के निधन पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने गहरा शोक व्यक्त किया है. आइएमए के अध्यक्ष डॉ. जीसी माझी, सचिव डॉ. सौरभ चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने इसे चिकित्सा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है. सदस्यों ने कहा कि डॉ. बलसारा की कार्यशैली और समर्पण आने वाली पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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