जामताड़ा. देशमांझी परगना बाईसी, संताल परगना एवं झारखंड ओलचिकी संताली लिपि प्रचार-प्रसार के लिए ओलचिकी के सृजनकर्ता पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा गठित संस्था “आसेका ” के संयुक्त तत्वावधान में 22 एवं 23 मार्च को दो दिवसीय सम्मेलन दुलाडीह नगर भवन में होगा. इसकी जानकारी कार्यक्रम के अध्यक्ष सुनील हेंब्रम ने दी. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिन संताली भाषा के प्रसिद्ध लेखक डोमन साहू “समीर ” के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संथाली भाषा के युवा पीढ़ी के लेखकों/कवियों के लेख पर विशेष परिचर्चा होगी. इस सेशन के लिए संथाल परगना के लोकप्रिय एवं विख्यात लेखक चुंडा सोरेन “सिपाही ” एवं पंडित रघुनाथ मुर्मू के पोता भीमवार मुर्मू मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे. साहित्य अकादमी दिल्ली के सदस्य भी शामिल होंगे. दूसरे दिन के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन एवं विशिष्ट अतिथि वीर सिदो-कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो मुर्मू के छठे वंशज मंडल मुर्मू शामिल होंगे.
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