ePaper

जैन समाज ने धूमधाम से मनाया पर्युषण महापर्व

Updated at : 07 Sep 2024 10:00 PM (IST)
विज्ञापन
जैन समाज ने धूमधाम से मनाया पर्युषण महापर्व

सालकुंडा गांव स्थित जैन मंदिर में समाज का आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व शनिवार को समापन हुआ.

विज्ञापन

बिंदापाथर. सालकुंडा गांव स्थित जैन मंदिर में समाज का आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व शनिवार को समापन हुआ. मालूम हो कि पर्युषण पर्व आठ दिवसीय होता है. यहां मनाये जाने वाले पर्व-त्योहार के पीछे कोई न कोई गौरवशाली इतिहास-संस्कृति-विचारधारा से संबंध जुड़ा होता है. जैन संस्कृति में जितने भी पर्व व त्योहार मनाये जाते हैं, लगभग सभी में आत्म-साधना, तप एवं जीवन शुद्धि का विशेष महत्व होता है. जैनियों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पर्युषण पर्व. पर्युषण महापर्व मात्र जैनियों का पर्व नहीं है, यह एक सार्वभौम पर्व है. पूरे विश्व के लिए यह एक उत्तम और उत्कृष्ट पर्व है. इसमें इंसान अपने मन को साफ करता है. आत्मा की उपासना करता है, ताकि जीवन के पापों एवं गलतियों को सुधारा जा सके. जीवन को पवित्र, शांतिमय, अहिंसक एवं सौहार्दपूर्ण बनाया जा सके. झुनू माजी ने कहा पर्युषण महापर्व का समापन मैत्री दिवस के रूप में होता है. जिसे क्षमा दिवस भी कहा जाता है. मौके पर सोमनाथ, कौशिक राज सहित काफी संख्या में बालिका मंडल शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola